Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    जामताड़ा में मौलाना ने लगाया जय श्रीराम का नारा, वीडियो वायरल होने के बाद घर का घेराव; भाजपा नेता का पुतला फूंका

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 11:53 AM (IST)

    भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष मौलाना अब्दुल रकीब रहमानी ने 'जय श्रीराम' नारे के बाद जान-माल की सुरक्षा के लिए जामताड़ा एसपी से पुलिस संरक्षण म ...और पढ़ें

    मौलाना अब्दुल रकीब रहमानी। फाइल फोटो

    मौलाना अब्दुल रकीब रहमानी। फाइल फोटो

    HighLights

    1. मौलाना रहमानी ने 'जय श्रीराम' नारे के बाद पुलिस सुरक्षा मांगी।

    2. वायरल वीडियो के कारण गांव में तनाव, पुतला फूंका गया।

    3. परिवार की सुरक्षा को लेकर एसपी को आवेदन सौंपा।

    जागरण संवाददाता, जामताड़ा। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष मौलाना अब्दुल रकीब रहमानी ने अपनी जान-माल एवं परिवार की सुरक्षा को लेकर पुलिस अधीक्षक जामताड़ा को आवेदन सौंपकर पुलिस संरक्षण की मांग की है।

    उनका दावा है कि भाजपा की जनसभा में "जय श्रीराम" और "वंदे मातरम्" के नारे लगाने के बाद उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद उनके गांव नावाडीह में तनाव का माहौल बन गया।

    एसपी को दिए आवेदन में मौलाना रहमानी ने कहा है कि समाहरणालय के समीप आयोजित भाजपा के कार्यक्रम में नारेबाजी के बाद वीडियो वायरल होने पर गांव के कुछ लोग नाराज हो गए।

    Jamtara

    उनके अनुसार, गांव में उनका पुतला जलाया गया और बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचकर घेराव करने लगे। उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थे, जबकि उनके परिवार के सदस्य घर में थे। परिजनों ने उन्हें फोन कर गांव के हालात की जानकारी दी और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

    आवेदन में उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता का हाल ही में धनबाद में ऑपरेशन हुआ है और वे स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। ऐसे में पूरा परिवार भय और तनाव के माहौल में है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के एक व्यक्ति ने फोन कर उन्हें अगले दिन सुबह नौ बजे गांव की बैठक में हर हाल में उपस्थित होने तथा वायरल वीडियो को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा।

    उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें बिना पुलिस सुरक्षा के गांव जाने पर किसी अप्रिय घटना की आशंका है। मौलाना रहमानी ने पुलिस अधीक्षक से स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा गांव जाने की स्थिति में पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।