जामताड़ा के जज के साथ गिरिडीह के वकीलों ने की धोखाधड़ी, हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस; मामला पहुंचा हाई कोर्ट
गिरिडीह में फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जामताड़ा के सब जज मोहम्मद नईम अंसारी से पांच लाख रुपये की ठगी की गई। मामला झारखंड हाईकोर्ट पहुंच गया है, जहा ...और पढ़ें

जामताड़ा के सब जज से फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से पांच लाख की ठगी, हाईकोर्ट में चुनौती।
HighLights
जामताड़ा के सब जज से पांच लाख की धोखाधड़ी।
फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से जमीन बेचने का प्रयास।
मामला झारखंड हाईकोर्ट पहुंचा, जमानत को चुनौती।
संवाद सूत्र, जामताड़ा। गिरिडीह में कथित भू-माफिया गिरोह द्वारा फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जमीन की खरीद-बिक्री कर ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इसी गिरोह ने वर्तमान में जामताड़ा सिविल कोर्ट में पदस्थापित सब जज प्रथम सह एसीजेएम मोहम्मद नईम अंसारी को भी झांसे में लेकर पांच लाख रुपये की ठगी कर ली।
बताया गया कि मोहम्मद नईम अंसारी जब गिरिडीह में पदस्थापित थे। उस समय उनका इन वकीलों के पहचान हुई। जामताड़ा आने के बाद अधिवक्ता मोहम्मद सद्दाम, मोहम्मद बबलू अंसारी उर्फ बबलू गांधी सहित अन्य लोगों के माध्यम से मौजा भंडारीडीह, खाता संख्या-17, प्लॉट संख्या-443 की चार डिसमिल जमीन को अपना बताते हुए सौदा कराया गया।
छह नवंबर 2024 को सितारा खातून की ओर से नौशाद अंसारी व शमशाद अंसारी के पक्ष में पावर ऑफ अटॉर्नी निबंधित कराई गई। इसी आधार पर 27 जुलाई 2025 को न्यायिक पदाधिकारी के साथ एग्रीमेंट फॉर सेल कर उनसे पांच लाख रुपये अग्रिम ले लिए गए।
रजिस्ट्री से पहले मूल दस्तावेज मांगे जाने पर आरोपित उसे प्रस्तुत नहीं कर सके। संदेह होने पर जांच में पता चला कि संबंधित भूमि सीएनटी एक्ट की धारा 46(1) से आच्छादित है तथा उसका वास्तविक रैयत नियाज अहमद कुरैशी है।
खबरें और भी
भूमि की जमाबंदी एवं मालगुजारी रसीद भी उनके नाम से निर्गत है। आरोप है कि भू-माफिया ने मकान का ताला तोड़कर कब्जा करने और फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन बेचने का प्रयास किया।
रुपये वापस नहीं मिलने पर मोहम्मद नईम अंसारी ने मोहम्मद सद्दाम, मोहम्मद बबलू अंसारी उर्फ बबलू गांधी, मोहम्मद सरफराज, मोहम्मद शमशाद अंसारी तथा सितारा खातून के खिलाफ गिरिडीह नगर थाना में कांड संख्या 40/2026, दिनांक 22 फरवरी 2026 को जालसाजी, धोखाधड़ी और ठगी की प्राथमिकी दर्ज कराई।
मामले में बबलू अंसारी को 24 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, लेकिन 22 अप्रैल 2026 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रथम, गिरिडीह की अदालत से उन्हें जमानत मिल गई। अन्य आरोपितों को भी अग्रिम जमानत प्रदान की गई।
जमानत आदेश को चुनौती देते हुए एसीजेएम ने झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल मिस याचिका संख्या 1826 एवं 1856 दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निचली अदालत ने जमानत देते समय कानूनी मानकों का समुचित पालन नहीं किया तथा आरोपितों ने अपना आपराधिक इतिहास छिपाया।
याचिका पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने सभी आरोपितों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। याचिका के अनुसार, आरोपी मोहम्मद बबलू अंसारी उर्फ बबलू गांधी के खिलाफ विभिन्न थानों में 32, मोहम्मद सद्दाम के खिलाफ 13 तथा मोहम्मद सरफराज के खिलाफ 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अन्य आरोपितों के विरुद्ध भी दो-दो मामले लंबित बताए गए हैं। इन मामलों में जमीन कब्जा, चोरी, लूट, मारपीट, ठगी, धोखाधड़ी और धमकी जैसे आरोप शामिल हैं। इधर, जमीन के वास्तविक मालिक नियाज अहमद कुरैशी की पुत्री जिन्नत नियाज कुरैशी ने भी 18 अप्रैल 2026 को गिरिडीह नगर थाना में कांड संख्या 93/2026 दर्ज कराया है।
उनका आरोप है कि अभियुक्तों ने मकान का ताला तोड़कर कब्जा करने और फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन बेचने का प्रयास किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।