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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jamtara Crime : ठगी के पैसों से खोल दिया लाखों का मेगा मार्ट, तलाश में पहुंच गई यूपी पुलिस; पढ़ें पूरा मामला

    Updated: Sat, 20 Jul 2024 05:40 PM (IST)

    Jamtara Online Fraud साइबर ठगी के पैसे से आरोपित ने मेगा मार्ट समेत कई कारोबार खड़े कर लिए। इसे लेकर अब उत्तर प्रदेश के प्रयागराज साइबर पुलिस आरोपितो ...और पढ़ें

    साइबर अपराध के पैसों से शुरू कर दिया लाखों का मेगा मार्ट। फोटो- जागरण
    साइबर अपराध के पैसों से शुरू कर दिया लाखों का मेगा मार्ट। फोटो- जागरण

    HighLights

    1. आगरा कलेक्ट्रेट के कर्मी से 65 लाख की ठगी का है आरोपित
    2. इलाहाबाद की पुलिस ने 2022 में दर्ज किया था मामला
    3. करमाटांड़ में आरोपित ने लाखों की लागत से बनाई मेगा मार्ट

    संवाद सहयोगी, करमाटांड़ (जामताड़ा)। साइबर ठगी के जरिए आरोपित ने इतनी रकम इकट्ठी कर ली कि उसने कई संपत्तियां तो बनाई ही मेगा मार्ट समेत कई काराेबार भी खड़े कर लिए। ऐसे ही एक मामले में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज साइबर थाने की पुलिस साइबर ठग आरोपितों की तलाश में करमाटांड़ थाना पहुंची।

    यहां रमजानी मोड़ कुर्बा के सद्दाम अंसारी उर्फ खुशी मेगा मार्ट के मालिक, इसी गांव के मुस्तफा, सरजहान अंसारी और बेलाल राजा की यूपी पुलिस को तलाश है। इस दौरान पुलिस टीम ने आरोपितों के घरों व दुकानों पर नोटिस चिपकाया। यह मार्ट सद्दाम का बताया जा रहा है।

    प्रयागराज के पुलिस निरीक्षक मोहम्मद आलमगीर ने थाने में सूचना देकर बताया कि इन लोगों के साइबर ठगी के जरिए 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। आरोपितों ने आगरा कलेक्ट्रेट आगरा के किशन लाल, जो एसबीआई बैंक के खाताधारक हैं, उनके दो खातों से ये पैसे ट्रांसफर किए हैं।

    एसबीआई का बैंक अधिकारी बन की ठगी

    प्रयागराज पुलिस ने बताया कि किशन लाल के खाता संख्या 204201 46657 में 22 अप्रैल 2023 को 42,17,813.38 रुपये थे, जिसमें नेट बैंकिंग के साथ एसबीआई क्रेडिट कार्ड की सुविधा थी। 23 अप्रैल 2023 को उनके मोबाइल नंबर 9838796469 पर एसबीआई क्रेडिट कार्ड के नाम पर फर्जी बैंक अधिकार बने साइबर ठग के मोबाइल संख्या 9310 305155 से कॉल आया।

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    इसी फोन धारक द्वारा दिनांक 23 अप्रैल 2023 से क्रेडिट कार्ड से शापिंग व उनके एसबीआई के खाते से पैसों के डेबिट होने का सिलसिला शुरू हो गया। फिर 30 अप्रैल 2023 को फोन करने को कहा तो उन्होंने अपने इसी नंबर से फोन किया। काल करने पर बताया गया कि उनके पैसे रिफंड नहीं हो पा रहे हैं।

    इसके बाद भी उनके खाते से पैसे डेबिट होते रहे। दिनांक चार मई 2023 तक उनके इस खाते का कुल रुपया 41 लाख रुपये से अधिक का डेबिट हो चुके थे।

    पत्नी के साथ खोले गए ज्वाइंट अकाउंट से भी ट्रांसफर 

    किशन लाल का एक खाता उनकी पत्नी के साथ ज्वाइंट है और प्रयागराज के कालिंदीपुरम एसबीआई ब्रांच का है। इसका खाता संख्या 4091 80 10408 है, इसमें नेट बैंकिंग की सुविधा नहीं थी, लेकिन मोबाइल नंबर एक होने की वजह से इस खाते में जमा कुल 24,50,000 रुपये भी इन अपराधियों ने डेबिट कर लिया।

    23 अप्रैल 2023 से चार मई 2023 तक उनके दोनों खातों से कुल 65 लाख रुपये की निकासी कर ली गई। इतना ही नहीं उनके क्रेडिट कार्ड 435 8 78644 542232 से भी दो लाख रुपये से अधिक राशि की शापिंग की गई है। खाते से पैसों की निकासी का पता बैंक शाखा कालिंदीपुरम पर जाने पर हुआ। जिसके बाद प्रयागराज साइबर थाने में किशन लाल ने साइबर ठगी का केस दर्ज करवाया।

    ठगी के पैसों से कई अपराधी बन गए कारोबारी

    लगातार पुलिस की दबिश के बावजूद भी जामताड़ा में साइबर ठगी के मामले कम होते नहीं दिख रहे। तकरीबन एक दशक से भी ज्यादा वक्त से ठगी के जरिए कई अपराधियों ने ठगी के जरिए इतने पैसे इकट्ठे कर लिए हैं कि अपनी काली कमाई से कई तरह का बिजनेस और दुकानें खोलकर आराम से जिंदगी गुजार रहे।

    हालात यह हैं कि क्षेत्र की बड़ी दुकानों के मालिक व बिजनेसमैन इन अपराधियों के सामने कम पूंजी के अभाव में मंदी की मार झेल रहे हैं। खुशी मेगा मार्ट नाम से रमजानी मोड पर जो दुकान है वह क्षेत्र का सबसे बड़ी दुकान है। इसे एक बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर की तर्ज पर बनाया गया है।

    जहां राशन से लेकर कपड़े समेत अन्य कई लग्जरी सुविधाओं वाले सामान मिलते हैं। इतना ही नहीं, क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में भी सैंकड़ों ऐसी दुकानें हैं, जिसमें साइबर अपराधियों ने अपनी काली कमाई लगाई है और लाखों की पूंजी लगाकर ठाठ से इनका धंधा फल-फूल रहा है।

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