'जो जेल से निकलना नहीं चाहता था; वो पुलिस कस्टडी से क्यों भागता?', सुजीत सिन्हा एनकाउंटर पर सास का बड़ा सवाल
झारखंड के गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उनके परिवार ने इसे फर्जी बताया है। ...और पढ़ें
HighLights
सुजीत सिन्हा मुठभेड़ को परिवार ने बताया फर्जी हत्या।
सास उषा देवी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप।
निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग।
जागरण संवाददाता, जामताड़ा। पुलिस ने झारखंड के कुख्यात बदमाश सुजीत सिन्हा को रविवार की रात मुठभेड़ में मार गिराया था। इस मुठभेड़ के बाद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सुजीत की सास उषा देवी ने दावा किया कि यह मुठभेड़ फर्जी है और उनके दामाद की हत्या पुलिस ने सुनियोजित तरीके से की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अपने 12 वर्षीय नाती को न्याय दिलाने की मांग की।
उषा देवी ने बताया कि रविवार की रात करीब 11 बजे एक परिचित ने वाट्स-एप काल कर उन्हें सुजीत के एनकाउंटर की सूचना दी। यह खबर सुनते ही पूरा परिवार सदमे में आ गया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति खुद जेल से बाहर निकलना नहीं चाहता था, वह आखिर पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश क्यों करेगा?
सुजीत ने एनकाऊंटर की जताई थी आशंका
उनका आरोप है कि सुजीत को पहले से अपनी जान का खतरा था। करीब चार माह पहले उसने अपने अधिवक्ताओं से भी कहा था कि पुलिस उसका एनकाउंटर कर सकती है। इसी आशंका को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका भी दायर की गई थी।
याचिका में मांग की गई थी कि जेल स्थानांतरण के दौरान पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। उषा देवी ने कहा कि घटना के बाद भी पुलिस का रवैया संवेदनहीन रहा।
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जंगल में पड़ा रहा आठ घंटे तक शव
उनके अनुसार, सुजीत के हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी और उसकी मौत के बाद करीब आठ घंटे तक शव को जंगल में पड़ा रहने दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पूरे मामले में कई सवालों के जवाब नहीं दिए हैं।
उन्होंने अपने परिवार की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी बेटी रिया सिन्हा पहले से चाईबासा जेल में बंद है। वहीं, सुजीत का 12 वर्षीय बेटा अक्षत सिन्हा आठ दिन पहले ही हास्टल से घर आया था। वह कक्षा छह का छात्र है।
पिता की माैत की सूचना के बाद बेटे की तबीयत खराब
पिता की मौत की खबर मिलने के बाद उसकी तबीयत खराब हो गई है। उषा देवी ने भावुक होते हुए कहा कि पुलिस-प्रशासन ने मेरे नाती को अनाथ बना दिया। उसकी मां जेल में है और अब उसके पिता भी नहीं रहे। उसे इंसाफ मिलना चाहिए।
सुजीत की पत्नी की जान भी खतरे में
उन्होंने यह आशंका भी जताई कि जिस तरह सुजीत की मौत हुई, उसी तरह उनकी बेटी की सुरक्षा भी खतरे में है। उन्होंने प्रशासन से रिया सिन्हा की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की न्यायिक या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की।
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गौरतलब है कि रविवार देर रात साहिबगंज जेल से धनबाद जेल शिफ्ट करने के दाैरान जामताड़ा थाना क्षेत्र के सुपायडीह गांव के समीप साहिबगंज-गोविंदपुर हाईवे पर पुलिस ने कस्टडी से भागने के प्रयास के दौरान कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा मारा गया था।
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वहीं, अब परिवार ने पुलिस के इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
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