Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'हू इज डॉटकॉम'... जामताड़ा के DSP ने क्यों लिया इस वेबसाइट का नाम, UPI चलाने वालों के आयेगी काम

    Updated: Fri, 21 Feb 2025 09:00 PM (IST)

    Whois.Com इन दिनों साइबर ठग (Cyber ​​Thug) सक्रिय हैं। साइबर ठग कई तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। साइबर ठग फोन-पे बैंक के हेल्पलाइन और व ...और पढ़ें

    साइबर फ्रॉड से बचा सकती है ये वेबसाइट।(सांकेतिक फोटो जागरण)
    साइबर फ्रॉड से बचा सकती है ये वेबसाइट।(सांकेतिक फोटो जागरण)

    HighLights

    1. इस वेबसाइट पर जाकर जांची जा सकती है किसी भी वेबसाइट की सत्यता और इसके बनने की अवधि
    2. मौसम के हिसाब से सामानों की खरीदारी को फर्जी वेबसाइट के जरिए गैजेट्स लेने का दे रहे हैं प्रलोभन

    कौशल सिंह, जामताड़ा। यदि आप सोशल साइट्स पर लगातार आ रही फर्जी ई-कॉमर्स आईडी और प्लेटफार्म से परेशान हैं और ठगी का शिकार बनने से बचना चाहते हैं तो यह जानकारी आपके लिए बेहद मुफीद है।

    आए दिन साइबर ठगों के मामलों में यह बात सामने आ रही है कि फोन-पे, बैंक के हेल्पलाइन और विभिन्न ई-कॉमर्स कंपनियों की फर्जी वेबसाइट के जरिए लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं।

    ऐसे में आप 'हू इज डॉटकॉम' पर जाकर ऐसी फर्जी वेबसाइट की सत्यता की जांच कर सकते हैं। इसके जरिए आपको उस आईडी के फर्जी होने का तो पता चलेगा ही, साथ ही आप यह भी जानकारी हासिल कर सकते हैं कि संबंधित वेबसाइट को बने हुए कितने दिन हुए हैं और उसके डोमेन के साथ वह किस वेबसाइट से संबद्ध है।

    हाल के दिनों में साइबर पुलिस के पास जो आंकड़े सामने आ रहे, उससे पता चलता है ये शातिर साइबर ठग लोगों को सस्ते गैजेट्स व अन्य सामान खरीदने के लिए कई ई-कॉमर्स की फर्जी साइट बनाकर ठगी का शिकार बनाने की फिराक में हैं। ऐसे में इन प्रलोभन से बचने के लिए 'हू इज डॉटकॉम' जैसी साइट्स कारगर साबित हो सकती है।

    मौसम के हिसाब से शातिर ठग बदलते हैं अपना तरीका

    साइबर अपराध अनुसंधान से जुड़े विश्वस्त अधिकारिक सूत्रों की मानें तो ये शातिर मौसम के हिसाब से अपनी ठगी के तरीके भी अपडेट करते रहते हैं। ठंड के मौसम ये शातिर विभिन्न ई-कॉमर्स साइटों पर गीजर्स, वाटर हीटर समेत कई अन्य उपकरणों व सामानों पर बंपर छूट का भरोसा देकर लोगों को प्रलोभन देते हैं।

    इसके साथ ही गर्मी के दिनों में एसी, फ्रीज व अन्य महंगे उपकरण सस्ती दरों पर बेचने की बात की जाती है। इन वेबसाइटों की खास बात यह होती है कि इन वेबसाइटों के जरिए खरीददारी करते समय आपके पास कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन नहीं मिलता है।

    खबरें और भी

    ऐसे में पहली बार तो आप खरीदारी करते समय ही ऑनलाइन पेमेंट कर ठगी के शिकार बनते हैं फिर इनके झांसे में आकर डिटेल्स साझा कर अपनी रकम गंवाते हैं।

    ऐसे जांचें वेबसाइट की विश्वसनीयता

    आपको गूगल पर जाकर 'हू इज डॉटकॉम' टाइप करना है, फिर इसमें आ रहे ऑप्शन डोमेन नेम्स एंड आइडेंटिटी फॉर एवरीवन पर क्लिक करना है। इसके बाद हू इज डोमेन लुकअप को क्लिक करना है। इसे क्लिक करते ही आपको हू इज डोमेन लुकअप ऑप्शन मिलेगा।

    इस पर संबंधित वेबसाइट लिखते ही उसके सारे डिटेल्स मिल जाते हैं। यदि वेबसाइट फर्जी है तो उसके कुछ दिनों पहले ही बनने की और बगैर अपडेट करने की तारीख के साथ उसके डिटेल्स होंगे। ऐसे में आप आसानी से फर्जी वेबसाइट की पहचान कर ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं।

    'हू इज डॉटकॉम' गूगल पर उपलब्ध इंटरनेशनल वेबसाइट है। कोई भी व्यक्ति इस ओपेन सोर्स वेबसाइट को गूगल पर सर्च कर सकता है और किसी भी वेबसाइट की सत्यता की जांच कर सकता है। इस वेबसाइट को खास तौर इसी उद्देश्य के लिए बनाया ही गया है, ताकि लोग फर्जी वेबसाइट के जरिए हो रही साइबर ठगी का शिकार बनने से बच सकें। इस वेबसाइट के जरिए फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट की जांच परख के बाद इसकी सत्यता निर्धारित की जा सकती है। - चंद्रशेखर, डीएसपी, जामताड़ा

    यह भी पढ़ें- 

    लखनऊ पुल‍िस ने झारखंड से तीन साइबर फ्रॉड को क‍िया गिरफ्तार, ADCP की पत्‍नी से ठगे थे लाख रुपए

    Jharkhand News: साइबर अपराधियों ने झारखंड के डीजीपी को भी नहीं छोड़ा, नए कांड की हर जगह हो रही चर्चा!