कभी अफीम की खेती के लिए बदनाम था यह इलाका, अब गेंदा फूल से बदल रही खूंटी में 1500 किसानों की किस्मत
खूंटी में अफीम की जगह अब गेंदा फूल की खेती किसानों के लिए समृद्धि का नया जरिया बन गई है। प्रदान संस्था के सहयोग से 1500 किसानों को 15 लाख गेंदा के पौध ...और पढ़ें

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HighLights
गेंदा की खेती खूंटी में खुशहाली का प्रतीक बनी।
1500 किसानों को मिलेंगे 15 लाख गेंदा पौधे।
जागरण संवाददाता, खूंटी। कभी अफीम की अवैध खेती के लिए बदनाम रहे खूंटी जिले के सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में अब गेंदा फूल की खेती किसानों के लिए समृद्धि और सम्मानजनक आजीविका का नया माध्यम बन गई है।
प्रदान संस्था के सहयोग तथा खूंटी महिला कृषि बागवानी स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड के प्रयासों से पिछले करीब डेढ़ दशक से जिले में गेंदा की व्यावसायिक खेती को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।
कम लागत और बेहतर मुनाफे के कारण यह खेती किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुई है। वर्तमान में खूंटी, मुरहू और अड़की प्रखंड के लगभग 1500 किसान गेंदा फूल की खेती से जुड़े हैं। इस वर्ष इन किसानों के बीच 15 लाख गेंदा पौधों के वितरण का लक्ष्य रखा गया है। शनिवार से पौधों का वितरण शुरू कर दिया गया।
संस्था के अनुसार, गेंदा की खेती ने न केवल किसानों की आय बढ़ाई है, बल्कि क्षेत्र में वैकल्पिक और टिकाऊ आजीविका का सफल मॉडल भी स्थापित किया है। इससे ग्रामीण परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं और खेती के प्रति उनका रुझान भी बढ़ा है।
पौधा वितरण कार्यक्रम में प्रदान संस्था की प्रीति बोरा, निधि सिंह, स्वरूप जना, अमित कुमार एवं कुलदीप मुंडा सहित किसान उत्पादक संगठन की अध्यक्षा सुनीता देवी और सुनीता कुमारी उपस्थित रहीं। किसानों ने इस पहल को आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।