खूंटी में अफीम का विकल्प बनी गेंदा की खेती, 200 किसानों को बांटे गए 2 लाख पौधे
खूंटी में प्रदान संस्था और स्थानीय समिति ने 200 किसानों को 2 लाख गेंदा के पौधे बांटे, जिससे उनकी आय बढ़ेगी। यह पहल अफीम की अवैध खेती का एक सम्मानजनक औ ...और पढ़ें

200 किसानों को बांटे गए 2 लाख पौधे
HighLights
खूंटी में 200 किसानों को 2 लाख गेंदा पौधे मिले।
गेंदा खेती अफीम का टिकाऊ, सम्मानजनक आजीविका विकल्प।
प्रदान संस्था ने किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संवाद सहयोगी, खूंटी। जिले में किसानों की आय बढ़ाने और वैकल्पिक आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में गुरुवार को खूंटी प्रखंड अंतर्गत विभिन्न गांवों के लगभग 200 किसानों के बीच दो लाख गेंदा पौधों का वितरण किया गया। यह वितरण प्रदान संस्था एवं खूंटी महिला कृषि बागवानी स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड के संयुक्त प्रयास से किया गया।
पौधों का वितरण मारंगहादा, फुदी, गुटजोरा, तिरला, बारुडीह एवं भंडरा पंचायत के किसानों के बीच किया गया। संस्था का उद्देश्य क्षेत्र में व्यावसायिक गेंदा फूल की खेती का विस्तार कर किसानों की आय में वृद्धि करना है।
प्रखंड के लगभग 1,500 किसान खेती से जुड़े
प्रदान संस्था के अनुसार, कम लागत और बेहतर मुनाफे के कारण गेंदा की खेती किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। वर्तमान में खूंटी, मुरहू और अड़की प्रखंड के लगभग 1,500 किसान इस खेती से जुड़े हैं। इस वर्ष किसानों के बीच 15 लाख गेंदा पौधों के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके तहत यह वितरण अभियान चलाया जा रहा है।
संस्था का कहना है कि गेंदा की खेती ने कभी अफीम की अवैध खेती के लिए बदनाम रहे सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में किसानों के लिए सम्मानजनक और टिकाऊ आजीविका का नया विकल्प तैयार किया है। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और खेती के प्रति उनका रुझान भी बढ़ रहा है।
पौधा वितरण कार्यक्रम में प्रदान संस्था की प्रीति बोरा, निधि सिंह, अमित कुमार, राकेश एवं अर्पिता मौजूद रहीं। किसानों ने इस पहल को आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए संस्था के प्रयासों की सराहना की।