दाखिल-खारिज संबंधी मामलों की सबसे अधिक अपील, कोडरमा के एलआरडीसी कोर्ट में 2127 केस लंबित
कोडरमा के एलआरडीसी कोर्ट में जमीन संबंधी 2194 मामले लंबित हैं, जिनमें दाखिल-खारिज अपील के 2127 मामले सबसे अधिक हैं। अंचल कार्यालयों से आवेदन रद्द होने ...और पढ़ें

कोडरमा एलआरडीसी कोर्ट में 2194 मामले लंबित। जागरण
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कोडरमा एलआरडीसी कोर्ट में 2194 मामले लंबित हैं।
दाखिल-खारिज अपील के 2127 मामले सबसे अधिक।
जागरण संवाददाता, कोडरमा। भूमि सुधार उपसमाहर्ता (एलआरडीसी) कोर्ट में जमीन संबंधी मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। विभिन्न श्रेणियों के मामलों के निपटारे में प्रगति तो हुई है, लेकिन दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) अपील के मामलों की लंबित संख्या अब भी सबसे अधिक बनी हुई है।
एलआरडीसी न्यायालय में वर्तमान में दाखिल-खारिज अपील के 2127 मामले लंबित हैं, जो कुल लंबित मामलों का बड़ा हिस्सा हैं। जिले में जमीन संबंधी विवाद के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। थानों व अदालताें में भी सबसे अधिक मामले जमीन से संबंधित आते हैं।
वहीं एलआरडीसी कोर्ट में मई 2026 तक विभिन्न श्रेणियों में जमीन संबंधी कुल 4034 मामले दर्ज थे। इनमें से 1822 मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जबकि 2194 मामले लंबित हैं। सबसे अधिक चिंता का विषय दाखिल-खारिज अपील के मामले हैं।
मई 2026 तक इस श्रेणी में कुल 3267 मामले दर्ज हुए। इनमें मई में 43 मामलों का निष्पादन किया गया, जिससे कुल निष्पादित मामलों की संख्या 1140 तक पहुंची है। इसके बावजूद 2127 मामले अब भी लंबित हैं।
अपील करने वालों का कहना है कि अंचल कार्यालय में म्यूटेशन के लिए आवेदन करने पर छोटी-छोटी बातों के लिए रद कर दिया जाता है। ऐसे में उनकी सामने एलआरडीसी कोर्ट में अपील के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता।
आंकड़ों में सबसे राहत देने वाली बात यह है कि आपदा राहत से जुड़े सभी मामलों का सफल निष्पादन कर दिया गया है। मई तक आपदा से संबंधित 98 मामले दर्ज थे। वहीं मई में 14 नए मामलों का निष्पादन किया गया और इस श्रेणी में एक भी मामला लंबित नहीं है।
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अवैध एवं संदेहास्पद जमाबंदी मामलों में भी विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। कुल 125 मामलों में से 118 मामलों का निष्पादन हो चुका है और केवल तीन मामले लंबित हैं। वहीं ई-कोर्ट के मामलों में भी कार्य में तेजी आई है। कुल 487 मामलों में से मई तक 431 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 56 मामले लंबित हैं।
जन शिकायतों के निस्तारण में भी विभाग की सक्रियता देखने को मिली। शिकायत निवारण (ग्रीवांस) के कुल 55 मामलों में से 48 मामलों का निपटारा हो चुका है और सात मामले प्रक्रियाधीन हैं। वहीं पीजीओ पोर्टल पर प्राप्त एकमात्र मामले का भी इस माह निष्पादन कर दिया गया है, जिससे इस श्रेणी में कोई मामला लंबित नहीं है।
भूमि सुधार उप समाहर्ता कोर्ट में मई तक दर्ज व निष्पादित मामले
| क्रम संख्या | मामलों का विवरण | कुल मामले | मई में निष्पादित | कुल निष्पादित | लंबित मामले |
| 1 | अवैध/संदेहास्पद जमाबंदी | 125 | 4 | 118 | 3 |
| 2 | ई-कोर्ट | 487 | 8 | 431 | 56 |
| 3 | आपदा | 98 | 14 | 84 | 0 |
| 4 | दाखिल-खारिज अपील | 3267 | 43 | 1140 | 2127 |
| 5 | ग्रीवान्स (शिकायत निवारण) | 55 | 11 | 48 | 7 |
| 6 | पीजी पोर्टल | 1 | 1 | 1 | 0 |
| कुल योग | 4034 | 81 | 1822 | 2194 |