कोडरमा में 1 साल में लड़कों के मुकाबले जन्मीं 874 कम बच्चियां, DC बोले- अवैध भ्रूण जांच केंद्रों पर हो कार्रवाई
कोडरमा जिले में बालिकाओं की जन्मदर में भारी गिरावट दर्ज की गई है, पिछले एक वर्ष में 874 का अंतर सामने आया। ...और पढ़ें
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बैठक मेें डीसी, डीडीसी व अन्य।
HighLights
कोडरमा में बालिकाओं की जन्मदर में भारी गिरावट चिंताजनक।
उपायुक्त ने अवैध भ्रूण जांच पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
लिंगानुपात सुधारने हेतु जन-जागरूकता अभियान चलाने पर बल।
संवाद सहयोगी, कोडरमा। जिला समाज कल्याण विभाग की बैठक में जिले के लिंगानुपात की समीक्षा के दौरान बालिकाओं की जन्मदर में भारी गिरावट होने की बात सामने आई। पिछले एक वर्ष के दौरान जिले में 6,605 बालकों एवं 5,731 बालिकाओं का जन्म दर्ज किया गया यानी 874 का अंतर सामने आया, जो चिंताजनक है।
उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए अवैध भ्रूण जांच केंद्रों की पहचान कर पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अवैध भ्रूण जांच ऐसे मामलों का प्रमुख कारण बन रही है।
जिले में लंबे समय से पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत जांच और कार्रवाई नहीं हो पाने के कारण अवैध जांच का सिलसिला जारी है, जिससे कन्या भ्रूण हत्या की आशंका बढ़ रही है। उपायुक्त ने इस मामले में आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया।
बता दें कि पूर्व में भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की गई थी। रजौली एवं झुमरीतिलैया के बिसनपुर से दो लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी। बैठक में उप विकास आयुक्त रवि जैन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कनक कुमारी तिर्की, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिकाएं, जिला एवं प्रखंड समन्वयक तथा यूनिसेफ की टीम उपस्थित रही।
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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 35 प्रतिशत उपलब्धि
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत जिले के लिए 4,976 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 35 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है।
इस पर उपायुक्त ने लक्ष्य के अनुरूप तेजी से योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने का निर्देश दिया। वहीं, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के अंतर्गत जिले में 21,695 पात्र बालिकाओं की पहचान की गई है।
सुस्त सेविकाओं के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश
पोषण ट्रैकर के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकरण, आधार एवं मोबाइल सत्यापन, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (एबीएचए), आइडी एवं अपार आइडी निर्माण, वीएचएसएनडी, सीबीई, एचसीएम, टीएचआर वितरण, गृह भ्रमण, मेजरिंग एफिशिएंसी, दैनिक मानिटरिंग तथा आधारभूत संरचना की समीक्षा की गई।
इस दौरान जयनगर एवं सतगावां परियोजनाओं का प्रदर्शन अपेक्षाकृत असंतोषजनक पाया गया। इस पर उपायुक्त ने लापरवाही बरतने वाली सेविकाओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
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