झारखंड में अवैध वेतन निकासी पर एक्शन, कोडरमा जिला मुख्यालय में 3 साल से जमे कर्मियों का होगा तबादला
कोडरमा जिला मुख्यालय में लंबे समय से एक ही पद पर जमे कर्मियों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण की तैयारी चल रही है। मुख्य सचिव के निर्देश पर वित्तीय यह कद ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, कोडरमा। जिला मुख्यालय में लंबे समय से एक ही कार्यालय और एक ही पद पर जमे कर्मियों के स्थानांतरण की तैयारी तेज हो गई है। मुख्य सचिव के निर्देश के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ गई है।
संवेदनशील पदों पर तीन वर्षों से अधिक समय से कार्यरत कर्मियों की सूची तैयार की जा रही है और माना जा रहा है कि अगले सप्ताह बड़े पैमाने पर तबादला आदेश जारी हो सकता है।
जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में विभिन्न जिलों में कोषागार के माध्यम से अवैध निकासी और वेतन घोटाले के मामले सामने आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। इसके बाद सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए डीडीओ, लेखा, कोषागार और वेतन प्रसंस्करण से जुड़े कर्मियों का अनिवार्य स्थानांतरण करने को कहा गया है।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि एक ही पद या कार्यालय में दीर्घकालीन पदस्थापन पर रोक लगाई जाए। साथ ही 30 मई तक आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। इधर, कोडरमा जिला मुख्यालय में कई कर्मी पांच वर्षों से अधिक समय से एक ही कार्यालय में कार्यरत हैं।
कुछ कर्मियों का अन्यत्र स्थानांतरण होने के बावजूद प्रतिनियुक्ति के जरिए उन्हें फिर से पसंदीदा पदों पर बनाए रखा गया है। ऐसे में मुख्य सचिव के आदेश के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है।
इस संबंध में मंगलवार को जिला स्थापना समिति की बैठक बुलाई गई है, जिसमें स्थानांतरण सूची को अंतिम रूप दिया जा सकता है। वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता लाने को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव ने संविदा और एकमुश्त मानदेय पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को वित्तीय कार्यों से दूर रखने का निर्देश दिया है।
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इसके अलावा वेतन भुगतान में अनियमितताओं की पहचान के लिए एआई आधारित डेटा एनालिटिक्स प्रणाली लागू करने, रिस्क बेस्ड सैंपलिंग के जरिए संदिग्ध मामलों की जांच कराने तथा पिछले पांच वर्षों में असामान्य बजट मांगों की समीक्षा करने का आदेश दिया गया है।