झारखंड में जमीन के लिए भाई का मर्डर कर खेत में दफनाया, 20 दिन बाद कुत्तों की वजह से खुला राज
झारखंड के लातेहार में जमीन विवाद के चलते एक भाई ने अपने बड़े भाई दयाल टोपनो की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को खेत में दफना दिया गया, जिसका राज 20 दिन ...और पढ़ें

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
HighLights
लातेहार में जमीन विवाद को लेकर भाई ने की हत्या।
शव खेत में दफनाया, 20 दिन तक छिपा रहा सच।
कुत्तों की असामान्य गतिविधि से हुआ हत्या का खुलासा।
संवाद सूत्र, चंदवा (लातेहार)। 20 दिनों तक खेत की मिट्टी एक ऐसा राज अपने सीने में दबाए रही, जिसकी भनक किसी को नहीं लगी। परिवार को लगा कि दयाल टोपनो कहीं बाहर चला गया है। गांव की जिंदगी अपनी रफ्तार से चलती रही मगर 21 जुलाई, मंगलवार को खेत के किनारे कुत्तों का झुंड बार-बार एक ही जगह मिट्टी कुरेदने लगा।
ग्रामीणों की नजर पड़ी तो शक गहराया। सूचना चंदवा थाना पहुंची और जब पुलिस ने खुदाई शुरू कराई तो कुछ ही देर में मिट्टी के नीचे दबा कंकाल बाहर आने लगा। उसी पल एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को हैरान कर दिया।
कंकाल निकलते ही भागने लगा भाई
कंकाल की बरामदगी के दौरान मृतक का सगा भाई पास्कल टोपनो भी घटनास्थल पर मौजूद था। जैसे-जैसे मिट्टी हटती गई और मानव कंकाल बाहर आने लगा, उसके चेहरे का रंग उड़ने लगा। अचानक वह वहां से भागने लगा। पुलिस को उसका व्यवहार असामान्य लगा।
जवानों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ शुरू हुई तो कुछ ही देर में उसने अपने बड़े भाई दयाल टोपनो की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
21 दिनों से लापता था मृतक
पुलिस के अनुसार चीरो गांव निवासी 40 वर्षीय दयाल टोपनो विगत 21 दिनों (एक जुलाई) से लापता था। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि जमीन विवाद और घरेलू मामलों को लेकर दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। एक जुलाई को दोनों ने साथ बैठकर शराब पी। विवाद के बीच पास्कल ने लोहे के सबल से दयाल पर वार कर उसकी हत्या कर दी।
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हत्या के बाद उसने शव को घर से करीब आधा किलोमीटर दूर खेत में ले जाकर दफना दिया। वारदात के बाद वह ऐसे सामान्य जीवन जीता रहा, मानो कुछ हुआ ही न हो। गांव में लोगों के साथ उठना-बैठना, रोजमर्रा के काम करना और परिवार के बीच रहना जारी रखा। किसी को उस पर जरा भी संदेह नहीं हुआ। चूंकि दयाल अविवाहित था।
आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा
स्वजनों को लगा कि वह किसी काम से बाहर चला गया होगा। इसी कारण उसकी गुमशुदगी को गंभीरता से नहीं लिया गया। दोनों भाइयों के बीच अक्सर विवाद होता था फिर भी वे साथ बैठकर शराब पीते थे। इसी वजह से किसी ने हत्या जैसी आशंका नहीं जताई। मामले का खुलासा भी किसी मुखबिर या तकनीकी जांच से नहीं बल्कि खेत में जुटे कुत्तों की असामान्य गतिविधि से हुआ।
मिट्टी हटने के साथ एक परिवार का दर्द, एक भाई की हैवानियत और 20 दिनों से दफन सच भी बाहर आ गया। प्रभारी थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि कंकाल की पहचान दयाल टोपनो के रूप में हुई है। चंदवा थाना में कांड संख्या 142/26 दर्ज कर आरोपित पास्कल टोपनो (पिता दिवंगत जोसफ टोपनो) को गिरफ्तार कर लातेहार मंडलकाकरा भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।