लातेहार में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, जगह-जगह जलजमाव की स्थिति, किसानों ने शुरू की धान रोपनी की तैयारी
लातेहार में रात भर हुई वर्षा ने शहरी जीवन की रफ्तार धीमी कर दी, जिससे आवागमन और बाजार प्रभावित हुए। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के चेहरे खिल उ ...और पढ़ें

सुबह से झमाझम वर्षा के बीच दफ्तर, स्कूल व कोचिंग पहुंचने की जद्दोजहद।
HighLights
शहर में वर्षा से जनजीवन धीमा, आवागमन प्रभावित।
किसानों के लिए वर्षा बनी वरदान, खेती की उम्मीदें बढ़ीं।
जागरण संवाददाता, लातेहार। रात भर आसमान से बरसी फुहारों ने सोमवार की सुबह जिले की रफ्तार को जैसे थाम दिया। लगातार होती वर्षा के कारण शहर की सड़कें देर तक सुस्त नजर आईं। दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा लोग छाता और रेनकोट के सहारे घरों से निकले तो विद्यालय और कोचिंग के लिए रवाना हुए विद्यार्थियों को भी भीगते-बचते अपनी मंजिल तक पहुंचना पड़ा।
कई स्थानों पर जलजमाव और फिसलन ने परेशानी बढ़ाई, जिससे लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लगाकर सफर तय करना पड़ा। सुबह के समय बाजारों में भी चहल-पहल अपेक्षाकृत कम रही। दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में बैठे रहे, जबकि छोटे कारोबार पर भी मौसम का असर साफ दिखाई दिया।
दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कत हुई। तेज फुहारों के बीच सड़क पर निकलने वालों को कई बार सुरक्षित स्थानों पर रुककर वर्षा थमने का इंतजार करना पड़ा। बस स्टैंड और चौक-चौराहों पर लोग छज्जों और दुकानों की आड़ लेकर भीगने से बचते नजर आए।
वर्षा ने शहर की रफ्तार जरूर धीमी की, मगर गांवों में इसका बिल्कुल अलग दृश्य देखने को मिला। कई दिनों से अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर संतोष झलक उठा। खेतों में पर्याप्त नमी लौटते ही किसान हल-बैल और कृषि यंत्रों के साथ खेतों की ओर निकल पड़े।
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कहीं खेतों की जुताई शुरू हुई तो कहीं धान की रोपनी की तैयारी तेज हो गई। बिचड़ा तैयार कर चुके किसानों ने भी रोपनी की योजना को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह साथ देता रहा तो खरीफ फसलों की खेती बेहतर होगी और उत्पादन की उम्मीद भी मजबूत होगी।
मौसम के इस बदले मिजाज ने एक ही दिन में दो अलग-अलग तस्वीरें सामने ला दीं। शहर में छाता मजबूरी बन गया तो गांव में यही बरखा मुस्कान लेकर पहुंची।
बच्चों के लिए स्कूल का सफर चुनौती बना, कर्मचारियों के लिए समय पर कार्यालय पहुंचना परीक्षा जैसा रहा, जबकि किसानों के लिए यही वर्षा नई उम्मीदों की दस्तक बन गई। लोगों की नजर अब आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी है, क्योंकि यही वर्षा खेती की रफ्तार व जनजीवन की चाल दोनों की दिशा तय करेगी।