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    लोहरदगा में तरबूज से किसान मालामाल, 50 एकड़ में खेती; ₹1200 क्विंटल तक मिल रहा दाम

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 05:01 PM (IST)

    कैरो प्रखंड के किसान तरबूज की खेती से आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं, खासकर गर्मी में इसकी मांग बढ़ने से अच्छी आमदनी हो रही है। ...और पढ़ें

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    शंभू प्रसाद सोनी, कैरो (लोहरदगा)। जिले के कैरो प्रखंड में तरबूज की खेती कर किसान आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ मालामाल हो रहे हैं। खासकर गर्मी के इस मौसम में तरबूज की मांग काफी बढ़ गई है।

    कैरो प्रखंड के गजनी गांव में एक दर्जन से अधिक किसान लगभग 50 एकड़ भूमि पर तरबूज की खेती किए हैं। वर्तमान में तरबूज 1000-1200 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। किसानों ने कम पूंजी व कम मेहनत कर तरबूज की खेती से अच्छी खासी आमदनी हो रही है। कैरो प्रखंड से तरबूज दूसरे जगहों में भी भेजी जा रही है।

    हालांकि तरबूज की खेती में प्रखंड क्षेत्र के किसानों की रुचि पिछले तीन वर्षों से बढ़ी है। यहां के किसान दूसरे प्रदेशों से खेती की जानकारी लेकर अपने यहां लगाए हैं। किसानों का कहना है कि गर्मी के दिनों में तरबूज की खेती से अच्छी आमदनी हो जाती है।

    किसानों की आर्थिक स्थिति की सुधार में तरबूज की खेती काफी सहायक साबित हो रहा है। कैरो प्रखंड से तरबूज दूसरे जगहों में भी भेजी जा रही है। किसानों की आर्थिक स्थिति की सुधार में तरबूज की खेती काफी सहायक साबित हो रहा है।

    गजनी के किसान दिलीप साहू का कहना है कि मेहनत के दम पर खेतों में कुछ भी उगाया जा सकता है। हालांकि क्षेत्र की मिट्टी तरबूज की खेती के लिए अनुरूप नहीं है, लेकिन मेहनत व ड्रिप सिंचाई के माध्यम से तरबूज की अच्छी पैदावार हुई है।

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    उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में कुछ किसानों द्वारा तरबूज की खेती करने की सलाह नहीं दी गई। लेकिन दिलीप साहू ने मेहनत व हौसला से कभी हार नहीं माना। जिसका परिणाम है कि उनके खेतों में तरबूज की बेहतर पैदावार हुआ है। अभी तक उन्होंने हजारों रुपए की तरबूज बेच दी है। दिलीप की मेहनत को देखकर हर कोई प्रशंसा कर रहा है।

    दूसरे किसान भी हो रहे हैं प्रेरित

    कैरो प्रखंड के गजनी, नरौली, खंडा सहित अन्य गांवों के दर्जन भर से अधिक किसानों ने तरबूज की खेती की है। हालांकि कुछ वर्ष पहले कैरो प्रखंड क्षेत्र में मिट्टी के अनुरूप नहीं होने के कारण किसान तरबूज की खेती नहीं करते थे। लेकिन वर्तमान में किसानों की दिलचस्पी बढ़ी है।

    गजनी व नरौली गांव में दिलीप साहू के अलावे संदीप उरांव, दिलेश्वर साहू, मंगरा उरांव सहित अन्य किसानों ने इस वर्ष तरबूज की खेती किया है। इन किसानों से क्षेत्र की अन्य किसान भी तरबूज की खेती के लिए प्रेरित हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि अगले वर्ष तरबूज की खेती करेंगे।

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    किसानों को बेहतर कृषि कर आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए विभाग दृढ़ संकल्पित है। इसके लिए किसानों के हित मे कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का किसान लाभ उठाएं। तरबूज की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा।

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    किशोर उरांव, प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कैरो

    तरबूज की खेती के लिए उसके अनुरूप मिट्टी का होना आवश्यक है। कम पूंजी में तरबूज की खेती से बेहतर आमदनी हो जाती है। किसानों को तरबूज की खेती करनी चाहिए। गर्मी के दिनों में इसकी मांग काफी बढ़ जाती है। हालांकि किसानों की रुचि अब धीरे-धीरे बढ़ रही है। तरबूज को खेत से ही व्यापारी उठाकर ले जाते हैं। खुदरा दाम में भी तरबूज की बिक्री बढ़ियां हो जाता है।

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    दिलीप साहू, किसान, गजनी