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    बिहार के बाद अब झारखंड, शव जलाने और रास्ता के विवाद को लेकर दो समुदाय हुए आमने-सामने; 3 घंटे NH जाम

    Updated: Sat, 31 Jan 2026 03:41 PM (IST)

    लोहरदगा-भंडरा-बेड़ो एनएच 143एजी पर शव जलाने और रास्ते के विवाद को लेकर तीन घंटे तक जाम रहा। सेन्हा के सेरेंगहातु तोड़ार में एक वृद्ध महिला के अंतिम सं ...और पढ़ें

    लोगों को समझाते डीसी-एसपी। (जागरण)

    लोगों को समझाते डीसी-एसपी। (जागरण)

    HighLights

    1. शव जलाने और रास्ते के विवाद पर तीन घंटे एनएच जाम।

    2. हिंदू-आदिवासी समुदायों में तनाव, प्रशासन ने कराया शांत।

    3. स्थायी समाधान हेतु शनिवार को शांति समिति की बैठक।

    संवाद सूत्र, सेन्हा (लोहरदगा)। लोहरदगा-भंडरा-बेड़ो एनएच 143एजी शुक्रवार को तीन घंटे तक जाम रहा। शव जलाने और रास्ता के विवाद को लेकर ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया था।

    हिंदू और आदिवासी समाज के बीच विवाद गहरा गया था। जिसके बाद डीसी, एसपी व एसडीओ के समझाने के बाद मामला शांत हुआ और शव का अंतिम संस्कार किया गया।

    विवाद के स्थाई समाधान को लेकर तोड़ार पंचायत भवन में दोनों गांव के बीच शनिवार को शांति समिति की बैठक होगी। एसपी सादिक अनवर रिजवी ने कहा है कि मामले को फिलहाल शांत किया गया है।

    ग्रामीणों के साथ बैठक कर समस्या का स्थाई समाधान किया जाएगा। फिलहाल मामला पूरी तरह से शांत है। बताया जाता है कि सेन्हा थाना क्षेत्र के सेरेंगहातु तोड़ार की रहने वाली एक वृद्ध महिला पूनिया देवी की मृत्यु होने के बाद शव को कोयल नदी तट पर पुल के समीप अंतिम संस्कार को लेकर स्वजन और ग्रामीण पहुंचे हुए थे।

    जिस पर सेरेंगहातु के आदिवासी समाज के लोग नाराज हो गए। उनका कहना था कि उनकी सीमा पर वे शव लेकर नहीं जाने देंगे। जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया।

    शव के साथ सड़क कर दिया जाम

    हिंदू समाज के लोगों ने सिठियो पुल मंदिर के समीप लोहरदगा-भंडरा-बेड़ो मुख्य पथ को शव के साथ जाम कर दिया गया। जिससे लोहरदगा-भंडरा-बेड़ो मुख्य मार्ग जाम हो गया था।

    सूचना मिलते ही उपायुक्त डॉ. कुमार ताराचंद, एसपी सादिक अनवर रिजीवी, एसडीओ अमित कुमार, किस्को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वेदांत शंकर, डीएसपी समीर तिर्की, सुधीर प्रसाद साहू मौके पर पंहुचे और वार्ता कर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, परंतु एक समुदाय के लोग अपनी मांगों पर अड़े हुए थे।

    प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी समझाया। तब जाकर मामला शांत हुआ और शव का अंतिम संस्कार किया गया। सेरेंगहातु के आदिवासी समुदाय का कहना है की वह लोग अपनी सीमा पार कर शव को श्मशान घाट नहीं ले जाने देंगे। जिस पर मामला बिगड़ गया और दोनों समुदाय के बीच विवाद हो गया।

    उपायुक्त, एसपी और एसडीपीओ द्वारा दोनों समुदायों को समझा-बुझा कर मामला को शांत किया गया। डीसी डॉ. ताराचंद ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि अफवाह पर ध्यान न दें, शांति बनाए रखें।

    मामले को शनिवार को शांति समिति की बैठक में सुलझाा लिया जाएगा। मौके पर बीडीओ संग्राम मुर्मू, सीओ पंकज कुमार भगत, मुखिया शोभा देवी, सेन्हा थाना प्रभारी नीरज झा, किस्को थाना प्रभारी मानस कुमार साधु आदि मौजूद थे।

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