Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    AIOCDः ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में पाकुड़ में केमिस्टों का आंदोलन शुरू, आरपार के मूड में

    By Ganesh Pandey Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Fri, 15 May 2026 06:32 PM (IST)

    Pakur में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने AIOCD के आह्वान पर ऑनलाइन दवा बिक्री और कॉर्पोरेट छूट के खिलाफ आंदोलन शुरू किया है। दवा दुकानदार 15-19 मई त ...और पढ़ें

    पाकुड़ में काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन करते दवा दुकानदार। (फोटो जागरण)

    पाकुड़ में काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन करते दवा दुकानदार। (फोटो जागरण)

    HighLights

    1. ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ पाकुड़ में विरोध शुरू।

    2. 15-19 मई तक काला बिल्ला, 20 मई को दुकानें बंद।

    3. नकली दवाओं, कॉर्पोरेट छूट पर रोक की मांग।

    जागरण टीम, पाकुड़।आल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD- All India Organization of Chemists and Druggists) के आह्वान पर शुक्रवार से केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन Pakur Chemists & Druggists Association) के पदाधिकारियों, दवा के थोक व्यवसायियों व दुकानदारों ने काला बिल्ला लगाकर आंदोलन का आगाज कर दिया है। दवा दुकानें खुली रहीं, लेकिन सभी दुकानदारों ने काला बिल्ला लगाया।

    एसोसिएशन के अध्यक्ष संचय बर्धन और सचिव अरविंद भगत ने सभी दवा के थोक व खुदरा विक्रेताओं से आग्रह किया है कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी एकजुट हो जाएं। सभी दवा दुकानदारों व थोक विक्रेताओं से अपील की कि 15 से आगामी 19 मई तक काला बिल्ला लगाकर कार्य करें।

    अध्यक्ष ने कहा कि स्थानीय स्तर पर भी देशव्यापी हड़ताल का पुरजोर समर्थन किया जा रहा है। आंदोलन के मामले में सभी दवा व्यापारी एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री, कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा भारी छूट और बाजार में नकली दवाओं की बढ़ती बिक्री के विरोध में यह देशव्यापी आंदोलन शुरू किया गया है।

    सचिव ने तीन प्रमुख मांगों पर सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों की नीतियों के कारण छोटे दवा व्यवसायियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे स्थानीय दवा दुकानदारों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। यह गंभीर चिंता का विषय है। सरकार इस दिशा में ठोस पहल करे।

    खबरें और भी

    उन्होंने कहा कि देशभर के सभी दवा व्यापारी हमेशा उपेक्षा के शिकार हुए हैं। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि अनुचित छूट और अमेजन/क्विक कॉमर्स पर रोक लगाई जाए। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में संशोधन कर इसे व्यवहारिक बनाया जाए। प्रत्येक मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट की अनिवार्य उपस्थिति लागू हो। जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए केमिस्ट को सम्मान और सुरक्षा प्रदान की जाए तथा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट समाज के हितों की अनदेखी बंद की जाए।

    20 मई को बंद रहेंगी दवा दुकानें

    जिलेभर के दवा दुकानदार व दवा व्यापारी 19 मई तक काला बिल्ला लगाकर कार्य करेंगे। इसके बाद 20 मई को सभी प्रकार की दवा दुकानें बंद रहेंगी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन के दौरान मरीजों को होने वाली परेशानी से उन्हें भी दुख है, लेकिन सरकार की नीतियों के विरोध में आंदोलन करना भी आवश्यक है।

    एसोसिएशन ने इसकी जानकारी सिविल सर्जन और डीसी को दे दी है। सिविल सर्जन स्तर से कार्रवाई की जा रही है। सीएस ने बताया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी की है। वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।