झारखंड में PFI कनेक्शन मामले में पाकुड़ जिला परिषद सदस्य गिरफ्तार, देश का महौल बिगाड़ने की साजिश में था शामिल
पाकुड़ जिला परिषद सदस्य और एसडीपीआई के प्रदेश अध्यक्ष हंजेला शेख को 2019 के पीएफआइ कनेक्शन मामले में गिरफ्तार किया गया है। ...और पढ़ें

आरोपी को पकड़े हुए पुलिस। जागरण
HighLights
पाकुड़ जिला परिषद सदस्य हंजेला शेख गिरफ्तार।
2019 के पीएफआइ कनेक्शन मामले में सजायाफ्ता।
धार्मिक भावनाएं भड़काने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप।
जागरण संवाददाता, पाकु ड़। वर्ष 2019 में मुफस्सिल थाना क्षेत्र में पीएफआइ के सक्रिय सदस्य मजीबुर रहमान की मदद से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को भड़काने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के मामले में सजायाफ्ता जिला परिषद सदस्य सह एसडीपीआइ के प्रदेश अध्यक्ष हंजेला शेख को सोमवार की रात गिरफ्तार कर लिया गया।
जिला परिषद सदस्य हंजेला के विरुद्ध न्यायालय से वारंट जारी हुआ था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। वर्ष 2019 में जुलाई माह में हंजेला व मजीबुर रहमान के विरुद्ध प्राथमिकी हुई थी।
न्यायालय में काफी दिनों तक मामला चलने के बाद सुनवाई हुई। अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने हंजेला शेख को दोषी करार देते हुए क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की धारा के तहत उसे तीन वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई थी।
सजा के बाद हंजेला जमानत पर बाहर था। इसके बाद न्यायालय ने सजायाफ्ता वारंट जारी किया। वारंट के आधार पर मुफस्सिल थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मुफस्सिल थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि न्यायालय से वारंट निर्गत हाेने के बाद हंजेला काे गिरफ्तार किया गया है।
क्या है मामला?
मुफस्सिल थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी बाबूवंशी साव को 24 जुलाई 2019 को सूचना मिली थी कि मजीबुर रहमान की मदद से हंजेला शेख पीएफआइ का सक्रिय सदस्य बनकर मुफस्सिल क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को भड़का रहा है और समाज का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ रहा है।
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इस मामले का सत्यापन के लिए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम में पुलिस निरीक्षक सह नगर थाना प्रभारी रामचंद्र सिंह, पुलिस निरीक्षक अभय शंकर सिंह, उप निरीक्षक विजय चंद्र चौधरी, महिला थाना में तैनात एएसआइ रामबचन राम और शर्मिला हांसदा तथा अन्य महिला व मफस्सिल थाना के पुलिसकर्मी शामिल थे।
यह टीम दोपहर करीब 1:50 बजे मणिरामपुर गांव के लिए रवाना हुई। तत्कालीन एसडीपीओ के निर्देश पर टीम को दो हिस्सों में बांटा गया। एक टीम का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक रामचंद्र सिंह कर रहे थे, जिन्होंने हंजेला शेख के घर को घेरा।
दूसरी टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी खुद कर रहे थे, जिन्होंने मजीबुर रहमान के घर को घेर लिया था। मजीबुर रहमान के घर की तलाशी ली गई, लेकिन वहां से कुछ भी बरामद नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस टीम हंजेला शेख के घर पहुंची, जिसे नगर थाना प्रभारी की टीम ने पहले से घेर रखा था।
हंजेला शेख के घर की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस ने घर के उत्तर-पूर्वी कमरे में हंजेला शेख के बिस्तर के गद्दे के नीचे से पांच पोस्टर बरामद किए। जब इस बारे में पूछताछ की गई कि ये पोस्टर घर में क्यों रखे गए थे, तो किसी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
इसके बाद पुलिस ने एक जब्ती सूची तैयार की। हंजेला शेख के घर से आपत्तिजनक पोस्टर बरामद होने पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि वह पीएफआइ का सक्रिय सदस्य है, जिसे झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रतिबंधित किया जा चुका है।
यह भी आरोप है कि हंजेला पहले भी पीएफआइ में सक्रिय था और उसके खिलाफ नगर थाना कांड संख्या 86/2017 और पाकुड़ मुफस्सिल थाना कांड संख्या 26/2018 दर्ज है।
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