पाकुड़ वोटर लिस्ट अपडेट: 30 जून से घर-घर पहुंचेंगे BLO, शुरुआत में नहीं लगेगा कोई भी दस्तावेज
पाकुड़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 की प्रक्रिया 30 जून से शुरू होगी, जिसमें बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। ...और पढ़ें

30 जून से घर-घर पहुंचेंगे BLO, शुरुआत में नहीं लगेगा कोई भी दस्तावेज
HighLights
30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर सत्यापन, दस्तावेज नहीं।
5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची होगी प्रकाशित।
आधार के साथ एक अन्य दस्तावेज भी अनिवार्य।
जागरण संवाददाता, पाकुड़। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल ने प्रेसवार्ता कर निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम एवं पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 30 जून से 29 जुलाई तक चलने वाले गणना (इन्यूमरेशन) चरण के दौरान किसी भी मतदाता से कोई दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। इस अवधि में केवल गणना प्रपत्र भरवाया जाएगा तथा बीएलओ मोबाइल के माध्यम से मतदाता का नवीनतम फोटो लेकर उसे अपलोड करेंगे।
डीडीसी ने बताया कि जिले के सभी मैप्ड एवं अनमैप्ड मतदाताओं को गणना प्रपत्र भरकर अपने-अपने बीएलओ के पास जमा करना अनिवार्य होगा। घर-घर जाकर बीएलओ प्रत्येक मतदाता का सत्यापन करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिक, झारखंड से बाहर पढ़ रहे छात्र अथवा अन्य कारणों से बाहर रहने वाले मतदाता भी इस प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। ऐसे मतदाता परिवार के सदस्य के माध्यम से संबंध का उल्लेख करते हुए या फिर ईसीआइएनईटी पोर्टल अथवा एप से गणना प्रपत्र डाउनलोड कर हस्ताक्षरित प्रति इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अपने बीएलओ को भेज सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पांच अगस्त से तीन अक्टूबर तक चलने वाली सत्यापन अवधि के दौरान केवल उन्हीं मतदाताओं से दस्तावेज मांगे जाएंगे, जिन्हें जांच के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। इस चरण में प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा।
डीडीसी ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर सत्यापन होगा। पांच अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद पांच अगस्त से चार सितंबर तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। उनका निष्पादन तीन अक्टूबर तक किया जाएगा तथा सात अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
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प्रेसवार्ता में यह भी बताया गया कि जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2003 की विशेष गहन पुनरीक्षण सूची में दर्ज है, उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी। यही विवरण उनके पुत्र-पुत्रियों के लिए भी अभिभावक प्रमाण के रूप में मान्य होगा।
वहीं, जिनका या उनके माता-पिता का नाम पूर्व एसआईआर सूची में दर्ज नहीं है, उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेजों में से किसी एक की स्व-अभिप्रमाणित प्रति जमा करनी होगी। आधार कार्ड अकेले पर्याप्त नहीं होगा। आधार की प्रति देने पर निर्धारित दस्तावेजों में से एक दस्तावेज भी देना अनिवार्य होगा।
डीडीसी ने बताया कि पात्र भारतीय नागरिक, जिनका नाम वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे प्रपत्र-छह एवं घोषणा पत्र के साथ आवेदन कर सकते हैं। प्रेसवार्ता में पाकुड़ एवं महेशपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी तथा उप निर्वाचन पदाधिकारी भी उपस्थित थे।