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    झारखंड के आजीविका मॉडल को अपनाएगा अरुणाचल, पलामू में 18 सदस्यीय टीम ने किया भ्रमण

    Updated: Fri, 17 Apr 2026 01:10 PM (IST)

    अरुणाचल प्रदेश की 18 सदस्यीय टीम ने झारखंड के पलामू जिले का दौरा किया। टीम ने झारखंड राज्य आजीविका प्रोत्साहन सोसाइटी के तहत सफल अल्ट्रा-पुअर परिवार उ ...और पढ़ें

    चौपाल में उत्थान मॉडल पर चर्चा करती टीम

    चौपाल में उत्थान मॉडल पर चर्चा करती टीम

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    संवाद सहयोगी, मेदिनीनगर (पलामू)। अरुणाचल प्रदेश की 18 सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम ने झारखंड के पलामू जिले के नौडीहा बाजार व विश्रामपुर प्रखंड का दो दिवसीय भ्रमण किया। इस दौरान टीम के सदस्यों ने झारखंड के सफल अल्ट्रा-पुअर परिवार उत्थान मॉडल को करीब से देखा।

    टीम ने झारखंड राज्य आजीविका प्रोत्साहन सोसाइटी के तहत चल रही उपज परियोजना, सखी मंडलों के कार्यों, स्वरोजगार योजनाओं की तकनीक, प्रशिक्षण व ग्राउंड लेवल क्रियान्वयन को विस्तार से समझा।

    टीम लीडर सोमी पैती ने बताया कि वर्ष 2017 से झारखंड में लाइवलीहुड कार्यक्रम चल रहे हैं। झारखंड ने अल्ट्रा-पुअर परिवारों के साथ किया गया कार्य पूरे देश के लिए मॉडल बन गया है। इस वर्ष से अपने राज्य में भी इसी समावेशी आजीविका मिशन का आगाज किया जा रहा है। वे यहां का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना देखकर टीम बेहद प्रेरित हुई हैं।

    टीम सदस्य करमा ने बताया कि झारखंड में पिछले तीन साल में अल्ट्रा पुअर परिवारों के बीच हुए कार्य उदाहरण बन गए हैं। यही तकनीक व मॉडल अरुणाचल प्रदेश में लागू किया जाएगा। टीम जिले के दीदियों के जीवन में आए बदलाव देख बेहद उत्साहित थी।

    टीम ने सिलाई, अगरबत्ती निर्माण, दोना-पत्तल, बासौरा फार्म व अपैरल पार्क जैसी गतिविधियों से दीदियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को देखकर काफी प्रभावित हुई।

    अरुणाचल प्रदेश के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक ने कहा कि यहां दूर-दराज की दीदियों के जीवन में जो बदलाव को देखकर बहुत उत्साहित हैं। हमारे प्रदेश में भी घर बहुत दूर-दूर बिखरे हुए हैं, इसलिए आजीविका कार्य चुनौतीपूर्ण है।

    झारखंड का यह मॉडल हमें नई राह दिखा रहा है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने टीम को विस्तार से जानकारी दी। बताया कि अरुणाचल प्रदेश की यह टीम अब अपने राज्य में समावेशी आजीविका मिशन को और मजबूती से लागू करने के लिए तैयार है।

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