झारखंड के गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का अंतिम संस्कार, पत्नी रिया को मिली 1 दिन की पैरोल; गांव में सुरक्षा सख्त
झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनकी पत्नी रिया सिन्हा को पलामू व्यवहार न्यायालय से एक दिन की पैरोल मिल ...और पढ़ें
HighLights
रिया सिन्हा को सुजीत सिन्हा के अंतिम संस्कार के लिए पैरोल।
पलामू के मरहा पथरा गांव में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था।
सुजीत सिन्हा की मुठभेड़ मौत की न्यायिक जांच की मांग।
संवादसूत्र, जपला (पलामू)। झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनकी पत्नी रिया सिन्हा को पलामू जिला व्यवहार न्यायालय से एक दिन की पैरोल मंजूर कर दी गई है।
न्यायालय के इस आदेश के बाद बुधवार को पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र स्थित पैतृक गांव मरहा पथरा में उनका अंतिम संस्कार किए जाने की संभावना है। स्वजन अंतिम तैयारी में जुटे हैं, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
सुजीत सिन्हा के अधिवक्ता चितरंजन पांडेय ने बताया कि व्यवहार न्यायालय ने रिया सिन्हा को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए एक दिन की पैरोल स्वीकृत की है। न्यायालय के आदेश की प्रति मेदिनीनगर जेल अधीक्षक को उपलब्ध करा दी गई है, जिसे ईमेल के माध्यम से चाईबासा जेल अधीक्षक को भेजा गया है।
रिहाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिया सिन्हा पुलिस सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार में शामिल होंगी। परिवार को उम्मीद है कि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाएंगी।
मंगलवार को मरहा पथरा गांव पहुंचा शव
गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का शव मंगलवार को उनके पैतृक गांव मरहा पथरा पहुंचा था। शव के गांव पहुंचते ही स्वजनों में कोहराम मच गया और अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग जुट गए।
हालांकि पत्नी रिया सिन्हा और पुत्र अक्षत कुमार के आने का इंतजार होने के कारण अंतिम संस्कार मंगलवार को स्थगित कर दिया गया। स्वजनों ने शव को अंतिम दर्शन के लिए सुरक्षित रखा। इधर, अंतिम संस्कार को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
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मरहा पथरा गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो।
प्रशासन भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए है। गौरतलब है कि रविवार की रात साहेबगंज से धनबाद शिफ्ट किए जाने के दौरान जामताड़ा में पुलिस मुठभेड़ में सुजीत सिन्हा की मौत हुई थी।
इसके बाद से यह मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। अंतिम संस्कार को लेकर भी लोगों की नजरें टिकी हुई थीं। अब न्यायालय से रिया सिन्हा को पैरोल मिलने के बाद अंतिम संस्कार का रास्ता साफ हो गया है।
सुजीत सिन्हा के इनकाउंटर की न्यायिक जांच की मांग
झारखंड प्रदेश न्यायिक मानवाधिकार परिषद के प्रदेश अध्यक्ष विनय पासवान ने सुजीत सिन्हा की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत की न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए, ताकि मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा हो सके। वहीं, सुजीत सिन्हा के चचेरे भाई अभय सिन्हा ने भी घटना पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है।