यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Palamu Lok Sabha Chunav Result: पलामू सीट पर नौ प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर, चुनाव परिणाम की उल्टी गिनती शुरू
Palamu Lok Sabha Chunav Result 2024 पलामू लोकसभा सीट पर 13 मई को हुए मतदान का परिणाम कल आने वाला है। इस सीट पर हुए चुनाव में 60.59 प्रतिशत मतदाताओं ने ...और पढ़ें

HighLights
- पलामू लोकसभा सीट पर आमतौर पर कांग्रेस का दबदबा रहा है
- पलामू लोकसभा सीट से सर्वाधिक चार बार चुनाव जीतने का रिकाॅर्ड कमला कुमारी के नाम है
- जंगलों-पहाड़ों से घिरा पलामू क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और कई ऐतिहासिक-पौराणिक स्थलों से परिपूर्ण
डिजिटल डेस्क, पलामू। Lok Sabha Chunav Result 2024 पलामू सीट पर लोकसभा चुनाव के परिणाम की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। कल 4 जून को चुनाव का परिणाम आने वाला है। इस सीट पर 13 मई को मतदान हुआ था, जिसमें 60.59 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
पलामू लोकसभा सीट का इतिहास
झारखंड के 14 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक पलामू का गठन दो जिलों के कुछ हिस्सों को मिलाकर किया गया है। इस जिले का मुख्यालय मेदनीनगर है, जिसे डाल्टनगंज के नाम से भी जाना जाता है।
सत्रहवीं सदी में चेरो राजा का यहां पर शासन था। यहां पर चेरो राजा अनंत राय ने लंबे समय तक राज किया।
पलामू के किलों में से पुराने किले का निर्माण इसी राजा ने करवाया था। जंगलों-पहाड़ों से घिरा पलामू क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और कई ऐतिहासिक-पौराणिक स्थलों से परिपूर्ण है।
यहीं पर पौराणिक भीम चूल्हा स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि पांडव अज्ञातवास के दौरान यहां रुके थे। तब भीम यहीं पर भोजन बनाया करते थे।
कभी इस सीट पर था कांग्रेस का दबदबा
अगर राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें, तो इस सीट पर पहले कांग्रेस का दबदबा रहा। 1952 में पहली बार इस सीट पर चुनाव हुआ। उस वक्त कांग्रेस के गजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने जीत दर्ज की।
इसके बाद 1957 के आम चुनाव में भी वह इस सीट से सांसद चुने गए। 1962 के चुनाव में पहली बार निर्दलीय प्रत्याशी शशांक मंजरी ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। वह रामगढ़ राज के पूर्व शाही परिवार (नारायण राज परिवार) से थीं।
खबरें और भी
पलामू लोकसभा सीट से सर्वाधिक चार बार चुनाव जीतने का रिकाॅर्ड कमला कुमारी के नाम है। साल 1967 में चौथी लोकसभा के लिए हुए आम चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की। 1967 से 71 तक वह इस सीट से सांसद रहीं।
दरअसल, उसी साल पलामू सीट को अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए सुरक्षित घोषित किया गया था। हालांकि, 1977 में कांग्रेस विरोधी लहर में उन्हें कांग्रेस फाॅर डेमोक्रेसी के उम्मीदवार रामदेनी राम ने हरा दिया।
इस बार के चुनावी मैदान में नौ प्रत्याशी
पलामू लोकसभा सीट से अपनी किस्मत आजमाने इस बार नौ प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे। इन प्रत्याशियों में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी वीडी राम, राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी ममता भुइंया, बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी कामेश्वर बैठा, बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रत्याशी रामवचन राम, स्वतंत्र प्रत्याशी गणेश रवि, राष्ट्रीय समानता दल के प्रत्याशी ब्रजेश कुमार तुरी, एसयूसीआई(सी) के प्रत्याशी महेंद्र बैठा, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के वृंदा राम व लोकहित अधिकार पार्टी के सनॉन राम शामिल हैं।