भूख, डर या बदइंतजामी? पलामू में आधी रात स्कूल से भागे 4 बच्चे, बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे आवासीय विद्यालय की खुली पोल
पलामू के तरहसी स्थित ज्ञान गंगा आवासीय विद्यालय से आधी रात चार नाबालिग फरार हो गए। जांच में पता चला कि स्कूल बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था और वहां भोज ...और पढ़ें
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इसी भवन में संचालित था स्कूल। फोटो जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, तरहसी (पलामू)। तरहसी पंचायत के मिसीर पतरा स्थित ज्ञान गंगा आवासीय विद्यालय से चार नाबालिगों के आधी रात फरार होने की घटना ने जिले की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी की पोल खोल दी है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि यह महज फरारी नहीं, बल्कि अव्यवस्था, लापरवाही और गैरकानूनी संचालन का गंभीर मामला है।
बीते बुधवार की देर रात करीब 12 बजे दो लड़के और दो लड़कियां चुपचाप स्कूल परिसर से निकलकर लगभग 35 किलोमीटर दूर अपने गांव की ओर पैदल ही चल पड़े। नक्सल प्रभावित इलाके के सुनसान रास्तों से गुजरते इन बच्चों की यह यात्रा किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसी थी। सबसे बड़ा सवाल यही है- आखिर किन हालातों ने बच्चों को इस कदर मजबूर कर दिया?
जांच में सामने आईं चौंकाने वाली सच्चाईयां
- भोजन और देखरेख की व्यवस्था पर गंभीर सवाल
- नाइट गार्ड और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नदारद
- बच्चों की आवाजाही पर कोई नियंत्रण नहीं
- हॉस्टल प्रबंधन में पूरी तरह लापरवाही
इन्हीं खामियों का नतीजा रहा कि चारों बच्चे बिना किसी रोक-टोक के देर रात परिसर से बाहर निकल गए।
पुलिस की तत्परता से टली बड़ी अनहोनी
घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी आनंद राम ने तत्काल एक्शन लेते हुए पुलिस टीम को अलर्ट किया। ग्रामीणों के सहयोग से सर्च अभियान चलाया गया और सीमित समय में चारों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा हादसा टल गया, जिसकी क्षेत्र में सराहना हो रही है।
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बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था स्कूल
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि विद्यालय का कोई वैध रजिस्ट्रेशन ही नहीं था। इसके बावजूद करीब 20 बच्चे नर्सरी से कक्षा 8 तक यहां रहकर पढ़ाई कर रहे थे।
सुरक्षा, भोजन और आवासीय व्यवस्था- तीनों ही बुनियादी मानकों पर संस्थान पूरी तरह फेल मिला। सबसे गंभीर बात यह रही कि बच्चों के फरार होने की सूचना भी स्कूल प्रबंधन ने समय पर पुलिस को नहीं दी, जिससे उनकी भूमिका संदिग्ध हो गई है।
स्कूल बंद, अभिभावकों को सौंपे गए बच्चे
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी आनंद राम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विद्यालय को बंद कराया और सभी बच्चों को उनके अभिभावकों को सौंप दिया। उन्होंने साफ कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन और सुरक्षा मानकों के स्कूल संचालन बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
अब सबसे बड़ा सवाल
पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि बच्चों के आधी रात भागने के पीछे असली वजह क्या थी- भूख, डर, बदइंतजामी या प्रबंधन की लापरवाही? यह घटना सिर्फ एक स्कूल की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है। आखिर बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे ऐसे आवासीय विद्यालयों पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ती?