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    पलामू में आवारा कुत्तों का आतंक! 12 दिन में 18 बच्चों समेत 21 लोगों को बनाया शिकार

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 04:38 PM (GMT+05:30)

    मेदिनीनगर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है, जहां 12 दिनों में 18 बच्चों सहित 21 लोग शिकार हुए हैं। नगर निगम की निष्क्रियता और स्टेरलाइजेशन अभियान ...और पढ़ें

    12 दिनों में 18 बच्चों सहित 21 लोग हुए शिकार।

    12 दिनों में 18 बच्चों सहित 21 लोग हुए शिकार।

    कुंदन सिन्हा, मेदिनीनगर (पलामू)। शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन दो से चार लोग डॉग बाइट का शिकार होकर मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंच रहे हैं। बीते 12 दिनों में 18 बच्चों समेत 21 लोग आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं।

    इसके बावजूद नगर निगम की ओर से कुत्तों की धरपकड़ और नियंत्रण के लिए कोई प्रभावी अभियान नहीं चलाए जाने से लोगों में आक्रोश है। 24 जुलाई को देवी मंदिर रोड में आवारा कुत्तों ने दो बच्चों समेत तीन लोगों को काट लिया। घायलों में देवी मंदिर रोड निवासी विजय गुप्ता भी शामिल हैं।

    न्होंने मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एंटी रैबीज का इंजेक्शन लिया। विजय गुप्ता ने आरोप लगाया कि नगर निगम की ओर से आवारा कुत्तों के खिलाफ केवल कागजों पर अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें जनता की गाढ़ी कमाई का बंदरबांट हो रहा है।

    उन्होंने कहा कि यदि सही मायने में अभियान चलाया गया होता तो आज ऐसी नौबत नहीं आती। इससे पूर्व 12 जुलाई की शाम शहर थाना क्षेत्र के गांधी मैदान के समीप एक आवारा कुत्ते ने करीब आधे घंटे के भीतर नौ बच्चों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। सभी बच्चों को इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई।

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    उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। लगातार हो रही घटनाओं से शहरवासियों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांधी मैदान, शिवाला रोड, देवी मंदिर रोड,चेयरमैन रोड समेत शहर के कई इलाकों में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है।

    कई बार शिकायत के बावजूद नगर निगम की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों ने नगर निगम से विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ने तथा उनकी संख्या नियंत्रित करने की मांग की है।

    स्टेरलाइजेशन योजना पर भी उठ रहे सवाल

    नगर निगम ने जुलाई 2023 में आवारा कुत्तों के स्टेरलाइजेशन, एंटी रैबीज वैक्सीनेशन और डी-वॉर्मिंग का कार्य एक संस्था को तीन वर्षों के लिए सौंपा था, जिसका अनुबंध जुलाई 2026 में समाप्त हो रहा है। इसके तहत प्रति कुत्ता ₹1,850 भुगतान का प्रावधान है। फरवरी 2026 तक लगभग 8,000 कुत्तों के लिए ₹48 लाख का भुगतान किया जा चुका है।

    हालांकि, संस्था द्वारा करीब 9,000 कुत्तों का बिल प्रस्तुत किए जाने तथा भुगतान प्रक्रिया को लेकर पार्षदों ने अनियमितता के आरोप लगाए हैं। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर में आवारा कुत्तों का आतंक कम नहीं हुआ है, जिससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।