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    रामगढ़ में गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल निर्माण को मिली रफ्तार, CCL ने जारी की पहली किस्त, टेंडर प्रक्रिया का रास्ता साफ

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 02:30 PM (IST)

    सीसीएल ने गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर नदी पर नए पुल निर्माण और पुराने की मरम्मत के लिए स्वीकृत राशि की पहली किस्त झारखंड स्टेट हाईवे अथॉरिटी को हस्तांतरित ...और पढ़ें

    गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर नदी के पूराने पुल से गुजरते वाहन।

    गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर नदी के पूराने पुल से गुजरते वाहन।

    HighLights

    1. सीसीएल ने पुल निर्माण के लिए पहली किस्त जारी की।

    2. झारखंड स्टेट हाईवे अथॉरिटी को 4.86 करोड़ रुपये मिले।

    संवाददाता जागरण, गिद्दी (रामगढ़)। गिद्दी-भुरकुंडा के बीच दामोदर नदी पर नए पुल निर्माण एवं पुराने जर्जर पुल की मरम्मत की बहुप्रतीक्षित परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने परियोजना की स्वीकृत राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा झारखंड स्टेट हाईवे अथारिटी (एसएचएजे) को हस्तांतरित कर दिया है।

    इसके साथ ही अब पुल निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। अरगडा क्षेत्र के एसओसी नासिर तौहिद ने बताया कि बीते 1 जुलाई को सीसीएल की ओर से 4 करोड़ 86 लाख 16 हजार 100 रुपये (स्वीकृत राशि की प्रथम किस्त) एसएचएजे के खाते में भेज दिए गए हैं।

    इसके बाद 2 जुलाई को अरगडा के महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार ने संबंधित विभाग को पत्र भेजकर राशि हस्तांतरण की आधिकारिक सूचना भी दे दी है। एसओसी ने बताया कि एसएचएजे के अधिकारियों से बातचीत कर गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल निर्माण के लिए जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया गया है।

    विभागीय स्तर पर इस दिशा में आगे की कार्रवाई की जा रही है। उम्मीद है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण एजेंसी का चयन कर कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा। गौरतलब है कि सीसीएल बोर्ड ने हाल ही में 19 करोड़ 44 लाख 64 हजार 400 रुपये की लागत से गिद्दी-भुरकुंडा दामोदर पुल की मरम्मत एवं नए पुल निर्माण को मंजूरी दी है।

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    परियोजना में वित्तीय सहयोग सीसीएल देगा, जबकि निर्माण कार्य एसएचएजे के माध्यम से कराया जाएगा। हजारीबाग और रामगढ़ जिलों को जोड़ने वाला यह पुल मांडू-बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र की गिद्दी और भुरकुंडा क्षेत्र के हजारों लोगों की जीवनरेखा है। पुल के जर्जर होने और एक पिलर के कमजोर पाए जाने के बाद लंबे समय से नए पुल निर्माण की मांग उठ रही थी।

    अब पहली किस्त जारी होने से वर्षों से लंबित इस परियोजना के धरातल पर उतरने की उम्मीद और मजबूत हो गई है। यदि टेंडर और प्रशासनिक प्रक्रियाएं समय पर पूरी हुईं तो आने वाले चार-पांच महीनों में पुल के निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।