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    रामगढ़ में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के विरोध में गिद्दी चौक पर सीटू का विरोध-प्रदर्शन, केंद्र सरकार के खिलाफ लगाए नारे

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 04:03 PM (IST)

    गिद्दी चौक पर सीटू ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और छात्र आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक अधिकारो ...और पढ़ें

    नुक्कड़ सभा में नारेबाजी करते एनसीओइए के लोग। जागरण

    नुक्कड़ सभा में नारेबाजी करते एनसीओइए के लोग। जागरण

    HighLights

    1. सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन।

    2. छात्र आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा।

    संवाद सूत्र, गिद्दी (रामगढ़)। सीटू के आह्वान पर सोमवार को एनसीओईए अरगडा के बैनर तले गिद्दी चौक पर नुक्कड़ सभा आयोजित कर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया।

    प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत पर्यावरणविद् एवं शिक्षा सुधार के पक्षधर सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी तथा छात्र आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। इस दौरान राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने, सोनम वांगचुक को अविलंब बिना शर्तरहित रिहा करने और लोकतांत्रिक आंदोलनों पर दमनात्मक कार्रवाई बंद करने की मांग की गई।

    नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए एनसीओइए के कार्यकारी अध्यक्ष एवं सीसीएल सेफ्टी बोर्ड सदस्य अरुण कुमार सिंह ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे लोगों से बातचीत करने के बजाय केंद्र सरकार दमन का रास्ता अपना रही है।

    उन्होंने कहा कि 22 दिनों से जंतर-मंतर पर आंदोलनरत लोगों की मांगों पर संवाद करने के बजाय उन्हें गिरफ्तार किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए आंदोलनकारियों से वार्ता कर समाधान निकालना चाहिए। अरुण कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था भी गंभीर संकट से गुजर रही है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करने के बजाय सरकार आंदोलन कर रहे छात्र-युवाओं पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।

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    उन्होंने कहा कि मजदूर, किसान, छात्र और नौजवान जब भी अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते हैं, सरकार दमनात्मक कार्रवाई करती है। यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप कर लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

    सभा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सोनम वांगचुक को रिहा करो, लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बंद करो, छात्र-युवा आंदोलनों का दमन बंद करो जैसे नारे लगाए। अन्य वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को आंदोलनों का दमन करने के बजाय संवाद की नीति अपनानी चाहिए।

    नुक्कड़ सभा में देवनाथ महली, चंदन सिंह, राजेश गुप्ता, साबिर अंसारी, बृज मोहन महतो, कृपा सिंधु सेठी, रमेश महली, परमात्मा साव, भगवान गोप, रमेश सिंह चेरो, विकास उरांव, मनोज यादव, मिठाईलाल, महबूब अंसारी, रंजीत उरांव, कुलदीप, बदरुल होदा अंसारी, विजय कुमार, सनाउल्ला अंसारी आदि उपस्थित थे।