गोला में 22 हाथियों के झुंड ने मचाया उत्पात, फसल-आम बगान और घर में रखा चावल किया चट
रामगढ़ के गोला प्रखंड के लेवाटांड गांव में 22 जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया, जिससे ग्रामीण पूरी रात दहशत में रहे। हाथियों ने आम के बागानो ...और पढ़ें

रामगढ़ के लेवाटांड गांव में 22 हाथियों का उत्पात।
HighLights
रामगढ़ के लेवाटांड गांव में 22 हाथियों का उत्पात।
आम बागान, फसलें, सिंचाई पाइप और घर क्षतिग्रस्त।
संवाद सूत्र, गोला (रामगढ़)। प्रखंड क्षेत्र के सुतरी पंचायत अंतर्गत लेवाटांड गांव में मंगलवार की रात 22 जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों के आतंक से ग्रामीण पूरी रात दहशत में रहे। झुंड ने सबसे पहले करमा मांझी और बलिराम मांझी के आम बगान में घुसकर पेड़ों को नुकसान पहुंचाया।
इसके बाद खेत में लगी लौकी की फसल को रौंद डाला और सिंचाई के लिए बिछाए गए पाइपों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों का उत्पात यहीं नहीं रुका। जब खेत और बगान उजाड़ने के बाद भी झुंड शांत नहीं हुआ तो उसने दोनों ग्रामीणों के घर का दरवाजा तोड़ दिया। घर के अंदर रखे चावल को हाथियों ने खा लिया और अन्य सामान भी बिखेर दिया।
घटना के समय परिवार के लोग घर में सो रहे थे। हाथियों की आहट मिलते ही सभी किसी तरह अपनी जान बचाकर घर से बाहर भागे। ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय रहते वे बाहर नहीं निकलते तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल है।
ग्रामीण रातभर जागकर हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। किसानों ने वन विभाग से मुआवजा दिलाने और हाथियों को आबादी से दूर खदेड़ने की मांग की है।
वनरक्षी निलेश पोद्दार ने बताया कि रात में उत्पात मचाने के बाद हाथियों का झुंड सुतरी जंगल में डेरा जमाए हुए है। वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। ग्रामीणों से जंगल की ओर नहीं जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
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उन्होंने बताया कि झुंड दो समूह में बांटा हुआ है। पहला 13 समूह परसाडीह जंगल में है। जबकि दूसरा समूह में 22 हाथी है, जो सुतरी जंगल में है।