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    झारखंडी भाषाओं को JTET में प्राथमिकता, गैर-झारखंडी को बाहर करने की मांग तेज; मंत्री योगेंद्र प्रसाद के घर बैठक

    Updated: Sun, 24 May 2026 03:11 PM (IST)

    झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं में झारखंडी भाषाओं को प्राथमिकता देने और गैर-झारखंडी भाषाओं को बाहर करने की मांग तेज हो गई है। ...और पढ़ें

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    संवाद सहयोगी, रामगढ़। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में झारखंडी भाषाओं को प्राथमिकता देने और गैर-झारखंडी भाषाओं को परीक्षा की विषय सूची से बाहर करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है।

    इसी सिलसिले में रांची स्मार्ट सिटी स्थित झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग और पांच मंत्रियों की उच्च स्तरीय समिति के सदस्य मंत्री योगेंद्र प्रसाद के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में यह विचार-विमर्श खोरठा साहित्य संस्कृति परिषद् के कार्यकारी अध्यक्ष डा. बीएन ओहदार की अगुवाई में आया।

    बैठक में राधा गोबिंद विश्वविद्यालय के खोरठा विभागाध्यक्ष अनाम ओहदार, दुबराज महतो, अधिवक्ता विक्की कुमार साव सहित खोरठा परिषद् के कई प्रतिनिधि मुख्य रूप से शामिल हुए। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उच्च स्तरीय समिति के समक्ष कई ठोस तर्क और बिंदु रखे। बैठक में इस उच्च स्तरीय विमर्श में मुख्य रूप से दो विषयों पर केंद्रित चर्चा हुई।

    झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं में झारखंडी भाषाओं को अनिवार्य रूप से शामिल करने की आवश्यकता व भोजपुरी, मगही, अंगिका, मैथिली, उड़िया, बांग्ला और उर्दू जैसी गैर-झारखंडी भाषाओं को परीक्षा की विषय सूची से बाहर करना क्यों उचित है। बैठक में भाषाविदों और खोरठा कर्मियों ने पांच मंत्रियों की समिति के सदस्य के सामने निम्नलिखित तर्क प्रस्तुत किए।

    प्रतिनिधियों ने कहा कि झारखंड राज्य का गठन बिहार से सांस्कृतिक भिन्नता के आधार पर हुआ है और झारखंड की अनूठी संस्कृति की सही अभिव्यक्ति केवल यहां की स्थानीय और जनजातीय भाषाओं से ही संभव है। पलामू प्रमंडल की मूल भाषा वास्तव में पलमुआ है जो कि भोजपुरी या मगही से किंचित प्रभावित खोरठा और नागपुरी भाषा का ही एक रूप है।

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    इसके साथ ही पलामू प्रमंडल में खोरठा के क्षेत्रीय भेद को देसवाली नाम से जाना जाता है। मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि वे इन महत्वपूर्ण सुझावों को उच्च स्तरीय समिति के समक्ष रखेंगे।

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