रामगढ़ में भू-माफियाओं के हौसले बुलंद, बरलंगा में 'कैसर-ए-हिंद' भूमि से सरकारी बोर्ड गायब; जांच शुरू
रामगढ़ के बरलंगा में भू-माफियाओं ने सरकारी 'कैसर-ए-हिंद' भूमि से प्रतिबंध का बोर्ड हटा दिया है। इस प्रतिबंधित जमीन पर अवैध निर्माण भी हो चुके हैं। प्र ...और पढ़ें

रामगढ़ में भू-माफियाओं के हौसले बुलंद
HighLights
बरलंगा में सरकारी 'कैसर-ए-हिंद' भूमि से बोर्ड गायब।
प्रतिबंधित जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध निर्माण।
रामगढ़ प्रशासन ने मामले की गहन जांच शुरू की।
संवाद सूत्र, बरलंगा (रामगढ़)। अंचल कार्यालय अंतर्गत मौजा हेरमदगा थाना नंबर 22, खाता संख्या 60, प्लाट संख्या 298, रकवा 3.84 एकड़ किस्म कैसर हिन्द प्लॉट नंबर 299, रकवा 2.06 एकड़,किस्म नदी।प्लॉट नंबर 300, रकवा 5.53 एकड़ किस्म कैसर हिन्द खाता की सरकारी भूमि है। इसका क्रय-विक्रय प्रतिबंधित है।
साथ ही उक्त जमीन पर किसी प्रकार का अतिक्रमण किए जाने पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गईं है। लेकिन भू-माफियायों ने जिला प्रशासन के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए उस बोर्ड को ही यहां से गायब कर दिया। बोर्ड को किसने उखाड़ा यह पता नहीं चल पा रहा है।
थाना से महज कुछ दूरी पर ही संगीन कार्य
सूत्रों ने बताया कि इतना ही नहीं इस प्रतिबंधित जमीन में कई मकान भी बनकर तैयार हो चुके हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि थाना से महज कुछ दूरी पर ही ऐसा संगीन कार्य हो रहा है। और प्रशासन को मालूम तक नहीं चला। वहीं एनएच 23 के ऊपर जमीन बताया गया है।
अगर इसकी गहराई से जांच की जाए तो एक बहुत बड़े जमीन घोटाले का मामला प्रकाश में आ सकता है।इसकी सूचना मिलने पर पूर्व सीओ समरेश प्रसाद भंडारी ने संज्ञान लेते हुए तुरंत अमीन जगेश्वर महतो को स्थल में जांच करने के लिए भेजा था।
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कुछ लोगों को कागजात के साथ कार्यालय बुलाया
इस दौरान दोनों कर्मचारियों ने पूरे क्षेत्र की जांच की, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा लगाया गया बोर्ड नहीं मिल पाया।इस संबंध में पूछे जाने पर वर्तमान सीओ सीताराम महतो ने बताया कि मामला काफी गंभीर है।कुछ लोगों को कागजात के साथ कार्यालय बुलाया गया है।ओर मामले की जांच चल रही है।