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    रांची में रिम्स-2 निर्माण के लिए ADB देगा 2600 करोड़ का ऋण, दो वर्ष में शुरू हो जाएगा अस्पताल

    Updated: Mon, 25 May 2026 09:07 PM (GMT+05:30)

    रांची के कांके में बनने वाले रिम्स-2 के निर्माण के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) 2,600 करोड़ रुपये का ऋण देगा। कुल परियोजना लागत 4,200 करोड़ रुपये है ...और पढ़ें

    दिसंबर या जनवरी से शुरू होकर दो साल में पूरा होगा निर्माण।

    दिसंबर या जनवरी से शुरू होकर दो साल में पूरा होगा निर्माण।

    HighLights

    1. एडीबी रिम्स-2 निर्माण को 2,600 करोड़ रुपये का ऋण देगा।

    2. कांके, रांची में 4,200 करोड़ की लागत से बनेगा रिम्स-2।

    राज्य ब्यूरो, रांची। रांची के कांके में स्थापित होनेवाले रिम्स-2 के निर्माण में 4,200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें 2,600 करोड़ रुपये एशियन डवलपमेंट बैंक (एडीबी) ऋण के रूप में झारखंड सरकार को देगा।

    सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की एडीबी के पदाधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में इसपर सहमति बनी।

    बैठक में कहा गया कि इसका निर्माण इस वर्ष दिसंबर माह या अगले वर्ष जनवरी माह में हो सकता है। एडीबी की टीम रिम्स-2 परियोजना के लिए फैक्ट फाइंडिंग मिशन पर रांची पहुंची है।

    बैठक के दौरान टीम ने परियोजना की वर्तमान स्थिति, निर्माण प्रक्रिया, योजना निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, सामाजिक एवं पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों, अस्पताल की क्षमता, भवन संरचना तथा भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत समीक्षा की।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि रिम्स-2 को केवल एक अस्पताल के रूप में नहीं, बल्कि अत्याधुनिक चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा, रिसर्च और सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से युक्त एक समग्र स्वास्थ्य संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।

    इसका निर्माण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जाएगा। अस्पताल का डिजाइन, इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडिकल सुविधाएं, तकनीकी व्यवस्था और कंसल्टेंसी पूरी तरह विश्व स्तर की होगी। साथ ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय सीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

    बैठक में एडीबी की टीम ने परियोजना की क्षमता, तकनीकी आवश्यकताओं तथा प्रशासनिक तैयारियों का आकलन कर कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

    दो वर्ष के भीतर पूरा होगा निर्माण कार्य

    एडीबी के पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले छह माह में लोन प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताओं को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

    इसपर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि निर्माण कार्य दो वर्षों के भीतर पूरा कर लिया जाए, ताकि जल्द से जल्द राज्य के लोगों को इसका लाभ मिल सके।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना के प्रत्येक चरण की निगरानी गंभीरता से की जाए और कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।

    बैठक में मुख्य रूप से लोन रेडीनेस, कंसल्टेंट चयन की समय सीमा, एनवायरमेंटल सेफगार्ड, स्टाफिंग पैटर्न, तकनीकी विशेषज्ञों एवं कंसल्टेंट्स की नियुक्ति सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।

    भविष्य में आर्थिक रूप से मजबूत हो रिम्स-2

    सोमवार की बैठक में रिम्स-2 को “सेल्फ सस्टेनिंग माडल” पर विकसित करने को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई।

    यह विचार किया गया कि अस्पताल की संचालन व्यवस्था ऐसी हो, जिससे भविष्य में संस्थान आर्थिक रूप से भी मजबूत बना रहे और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा सके।