Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'धमकी नहीं, साढ़े तीन करोड़ जनता के हित में बात करे सरकार', आदित्य साहू का हेमंत सोरेन पर हमला

    Updated: Fri, 06 Feb 2026 07:34 PM (IST)

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर व्यापारियों के प्रति धमकी भरी भाषा प्रयोग करने और राज्य में अवैध खनन को संरक्षण देने का ...और पढ़ें

    आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन पर बोला हमला। (जागरण)

    आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन पर बोला हमला। (जागरण)

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर व्यापारियों के अपमान का आरोप लगाया।

    2. झारखंड में अवैध कोयला, पत्थर, बालू खनन पर उठाए सवाल।

    3. रांची मेयर पद के लिए तीन प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिया।

    राज्य ब्यूरो, रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक तरफ तो विदेश जाकर निवेश लाने की बात करते हैं जबकि दूसरी तरफ राज्य के व्यापारियों के लिए धमकी भरी भाषा प्रयोग करते हैं।

    शुक्रवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता कर आदित्य साहू ने कहा कि व्यापारियों पर अपमानजनक टिप्पणियों का भाजपा विरोध करती है।

    साहू ने कहा कि राज्य का व्यापारी समाज लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराता है। हाल ही में व्यापारी वर्ग को कानून व्यवस्था की समस्या से जूझना पड़ा है। ऐसे में उन्हें संरक्षण देने की जगह अपमानित करना गलत है।

    मुख्यमंत्री को साढ़े तीन करोड़ जनता के हित में बात करनी चाहिए। आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि राज्य में बिचौलिए सरकारी अधिकारियों के संरक्षण में कोयला, पत्थर और बालू बेच रहे हैं।

    रामगढ़, हजारीबाग, धनबाद, बोकारो और चतरा में सरकारी संरक्षण में खुलेआम कोयला की चोरी हो रही है। किसानों को धान बेचने में परेशानी हो रही है, वो बिचौलियों को धान बेच रहे हैं। लेकिन सरकार इनकी समस्या नहीं सुन रही है।

    मुख्यमंत्री के कोयला रोकने वाले बयान पर आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड भारत का हिस्सा है। यहां से कोयला जाता है तो दूसरे राज्य से कोई सामान यहां आता है। ऐसे में संसाधनों को रोकने की बात करना असंवैधानिक है।

    खबरें और भी

    तीन प्रत्याशियों ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में नामांकन वापस लिया

    रांची नगर निगम क्षेत्र में मेयर पद के लिए नामांकन करने वाले तीन कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष के सामने भाजपा समर्थित उम्मीदवार रोशनी खलखो के पक्ष में नामांकन वापस लिया। नामांकन वापस लेने वालों में संजय टोप्पो, राजेंद्र मुंडा,,सुनील फकीरा कच्छप शामिल हैं।

    झारखंडियों को रोजगार की बात भाजपा को क्यों लगती है धमकी -झामुमो

    झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि झारखंडियों को रोजगार देने की बात करना भाजपा को धमकी जैसा लग रहा है।

    यह भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है, जिसे न तो युवाओं की चिंता है और न ही राज्य के स्थानीय लोगों के भविष्य की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड के युवाओं को रोजगार और नौकरियों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील हैं।

    उनकी सरकार ने निजी कंपनियों में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों की नियुक्ति का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जो पूरी तरह युवाओं और राज्य के व्यापक हित में है। लेकिन नफरत और विभाजन की राजनीति करने वाली भाजपा को यह फैसला पच नहीं रहा है।

    झामुमो महासचिव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने केंद्र में सत्ता में आने से पहले देश को पांच करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन बाद में स्वयं भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इस वादे को “जुमला” करार दिया।

    इससे साफ है कि भाजपा के लिए रोजगार कभी मुद्दा रहा ही नहीं। युवाओं को भ्रमित करना और केवल राजनीतिक उपयोग करना ही भाजपा की नीति रही है।

    माफी मांगना चाहिए आदित्य साहू को

    विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को समाज में नफरत फैलाना और लोगों को बांटना अच्छा लगता है। आदित्य साहू युवाओं से माफी मांगें, क्योंकि भाजपा के शासनकाल में नियुक्तियों के नाम पर घोटाले हुए और युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला गया।

    इसके विपरीत, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य में सरकारी नौकरियों की “बरसात” हो रही है। सच्चाई यह है कि भाजपा एक आदिवासी को मुख्यमंत्री के पद पर एक मिनट भी देखना नहीं चाहती। यही भाजपा की पीड़ा और हताशा का असली कारण है, जिसे जनता भली-भांति समझ चुकी है।

    यह भी पढ़ें- झारखंड नगर निकाय के बाद राज्यसभा चुनाव में होगी महागठबंधन की परीक्षा, दो सीटों पर लगा है दांव