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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बिहार के बाद झारखंड में Tejashwi Yadav की पार्टी को बड़ा झटका, इस दिग्गज नेता ने छोड़ा RJD का दामन

    By Sandeep Keshri Edited By: Shashank Shekhar
    Updated: Tue, 13 Feb 2024 06:22 PM (IST)

    राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय सचिव सह पलामू के पूर्व सांसद घूरन राम ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी के पद एवं प्राथमिक सदस्य ...और पढ़ें

    बिहार के बाद झारखंड में Tejashwi Yadav की पार्टी को बड़ा झटका, इस दिग्गज नेता ने छोड़ा RJD का दामन
    बिहार के बाद झारखंड में Tejashwi Yadav की पार्टी को बड़ा झटका, इस दिग्गज नेता ने छोड़ा RJD का दामन

    HighLights

    1. पूर्व सांसद ने उचित सम्मान नहीं मिलने, उपेक्षित होने का लगाया आरोप
    2. कई बार झारखंड में उत्पन्न समस्या से पार्टी को अवगत कराया- घूरन राम

    संवाद सहयोगी, गढ़वा। राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय सचिव सह पलामू के पूर्व सांसद घूरन राम ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी के पद एवं प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। घूरन राम ने पार्टी छोड़ने के बाद भाजपा में शामिल होने के संकेत दिए हैं।

    बताया जा रहा है कि वे 15 फरवरी को रांची में प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के समक्ष भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

    इससे पहले राजद नेता घूरन राम भाजपा के प्रदेश मंत्री रह चुके हैं। आशंका के बीच भाजपा में शामिल होने के बाद उनके द्वारा गढ़वा में एक मिलन समारोह का भी आयोजन करने की योजना बनाई गई है। मंगलवार को कृष्णा हरि होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में घूरन राम ने लालू यादव की पार्टी राजद को छोड़ने की जानकारी दी।

    घूरन राम ने क्या कुछ कहा

    उन्होंने कहा कि राजद में वे लगातार स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे थे। आईएनडीआईए गठबंधन झारखंड में चल रही है, लेकिन इसमें एक भी अनुसूचित जाति के विधायक को मंत्रिमंडल में स्थान चार साल के दौरान नहीं दिया गया। इसके अलावा बोर्ड-निगम के गठन में भी एक भी अनुसूचित जाति के व्यक्ति को स्थान नहीं मिला है।

    इस बात से उन्होंने राजद के केंद्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव एवं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को कई बार झारखंड में उत्पन्न इस विकट समस्या से अवगत कराया। लेकिन उनकी ओर से कभी भी इस पर गंभीरता नहीं दिखाई गई। पत्रकार वार्ता में उमेश सिंह, सन्नी चंद्रवंशी, अरविंद पटवा समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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