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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    आलमगीर को लेकर ED का एक और चौंकाने वाला खुलासा, 92 करोड़ के 25 टेंडर में मंत्री को कमीशन में मिले 1.23 करोड़

    Updated: Wed, 22 May 2024 08:26 AM (IST)

    Alamgir Alam कांग्रेस नेता एवं झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीते बुधवार को गिरफ्तार कर ल ...और पढ़ें

    जनवरी में 92 करोड़ के 25 टेंडर में मंत्री आलमगीर आलम को कमीशन में मिले
    जनवरी में 92 करोड़ के 25 टेंडर में मंत्री आलमगीर आलम को कमीशन में मिले

    HighLights

    1. ईडी ने कोर्ट को बताया, ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर कमीशन घोटाले में शामिल था इंजीनियर, अधिकारी व मंत्री का एक संगठित गिरोह
    2. 14 दिनों की रिमांड समाप्ति के बाद पीएमएलए कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेजे गए मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल व नौकर जहांगीर आलम

    राज्य ब्यूरो, रांची। Alamgir Alam : टेंडर कमीशन घोटाले में मनी लाॅन्‍ड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने 14 दिनों की रिमांड पर पूछताछ के बाद मंगलवार को मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल व संजीव लाल के नौकर जहांगीर आलम को रांची स्थित पीएमएलए कोर्ट में प्रस्तुत किया। यहां से कोर्ट के आदेश पर दोनों को न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेज दिया गया है।

    टेंडर कमीशन घोटाले में एक पूरा एक गिरोह सक्रिय

    ईडी ने कोर्ट को बताया है कि ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर कमीशन घोटाले में इंजीनियर, अधिकारी व मंत्री का एक संगठित गिरोह सक्रिय था।

    ईडी ने नमूने के तौर पर जनवरी महीने में पारित 92 करोड़ के 25 टेंडर के ब्यौरे से संबंधित एक पेपर भी कोर्ट में जमा किया है, जिसमें यह स्पष्ट लिखा हुआ है कि मंत्री आलमगीर आलम ने उक्त सभी 25 टेंडर में कमीशन के रूप में 1.23 करोड़ रुपये लिया था।

    इसी पेपर में किसी उमेश नाम के व्यक्ति को 1.75 करोड़ एवं ऑफिस के लिए 3.46 करोड़ रुपये भुगतान होने का जिक्र है।

    ईडी की छापामारी में बरामद हुए थे करोड़ों

    छह, सात व आठ मई को ईडी की छापामारी में करीब 37.5 करोड़ रुपये जब्त हुए थे। इनमें 32.20 करोड़ रुपये जहांगीर आलम के हरमू रोड स्थित सर सैय्यद अपार्टमेंट से बरामद हुए थे। ये रुपये मंत्री आलमगीर आलम के थे।

    जहांगीर आलम संजीव लाल का नौकर है। संजीव लाल के निर्देश पर ही वह रुपये वसूलता था। उस फ्लैट से बहुत से दस्तावेज भी बरामद हुए थे। उनमें कुछ कागजात टेंडर कमीशन से संबंधित भी थे।

    मंत्री के लिए एम व आनरेबल मिनिस्टर के लिए एच था कोड वर्ड

    अनुसंधान के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि रुपयों का हिसाब रखने के लिए संजीव लाल रिकाॅर्ड रखते थे। इसमें मंत्री के लिए एम व ऑनरेबल मिनिस्टर के लिए एच शब्द का कोड वर्ड में इस्तेमाल करते थे।

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    इसमें कुछ कागजात ईडी ने नमूने के तौर पर कोर्ट में प्रस्तुत भी किया है। इस वर्ष जनवरी महीने में पास हुए 25 टेंडर में मंत्री आलमगीर आलम को कमीशन में मिले थे एक करोड़ 23 लाख रुपये।

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