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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    झारखंड मंत्रालय में पत्रकारों और आम लोगों की एंट्री बंद, ED की छापामारी के बाद उठाया गया ये कदम

    Updated: Tue, 21 May 2024 06:14 PM (IST)

    झारखंड मंत्रालय में पत्रकारों और आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कदम झारखंड मंत्रालय में टेंडर कमीशन में हुई छापामारी ...और पढ़ें

    झारखंड मंत्रालय में पत्रकारों और आम लोगों की एंट्री बंद, ED की छापामरी के बाद उठाया गया कदम (फोटो- जागरण)
    झारखंड मंत्रालय में पत्रकारों और आम लोगों की एंट्री बंद, ED की छापामरी के बाद उठाया गया कदम (फोटो- जागरण)

    HighLights

    1. - पत्रकारों को रोकने का आदेश किसका, न आइजी, न हीं डीआइजी व झारखंड मंत्रालय के सुरक्षा प्रभारी को है जानकारी, गृह विभाग के संज्ञान में भी नहीं
    2. - एसओपी बना नहीं, पत्रकारों को रोकने का आदेश कहां से आया, नहीं बता पाए गेट के गार्ड व मंत्रालय के सुरक्षा प्रभारी

    राज्य ब्यूरो, रांची। टेंडर कमीशन घोटाले में ईडी की झारखंड मंत्रालय में छापेमारी के बाद से ही पत्रकारों व आम जनों के प्रवेश पर भी रोक लगा दिया गया है। आश्चर्य की बात यह है कि पत्रकारों व आमजनों पर रोक किस माध्यम से लगा, इसकी जानकारी झारखंड मंत्रालय के सुरक्षा प्रभारी, गेट प्रभारी को भी नहीं है।

    रांची जोन के आइजी अखिलेश कुमार झा व रांची रेंज के डीआइजी अनूप बिरथरे ने भी रोक संबंधित किसी एसओपी व आदेश से खुद को अनभिज्ञ बताया। यहां तक कि गृह सचिव कार्यालय के संज्ञान में भी ऐसा कोई आदेश नहीं है। ईडी की छापेमारी के बाद झारखंड मंत्रालय में तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटाकर नए पदाधिकारी प्रतिनियुक्त हुए हैं।

    उनसे पूछने पर कि पत्रकारों व आम जनों को रोकने संबंधित आदेश किसका है, वे नहीं बता पाए। सिर्फ इतना ही कहा कि ऊपर से आदेश है। ऊपर से आदेश किसने दिया, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।

    आठ मई को पड़ा था ईडी का छापा

    झारखंड मंत्रालय में आठ मई को ईडी ने छापेमारी की थी। यह छापेमारी ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के कार्यालय में हुई थी। वहां से ईडी ने रिश्वत के 1.75 लाख रुपये के नए नोट बरामद किए थे। वहीं, ईडी ने मौके से 28 हजार रुपये के पुराने प्रतिबंधित नोट भी बरामद किया था। ये 500 से पुराने नोट थे।

    अभी झारखंड मंत्रालय में जाने की क्या अपनाई जा रही है प्रक्रिया

    अभी झारखंड मंत्रालय में जाने वालों को मंत्रालय के गेट से संबंधित पदाधिकारी को काल करना पड़ता है। वह पदाधिकारी मंत्रालय के सुरक्षा प्रभारी को काल करता है। इसके बाद सुरक्षा प्रभारी वायरलेस से गेट पर सूचना देता था, जिसके बाद गेट के सुरक्षाकर्मी उसे मंत्रालय में भीतर जाने की अनुमति देते हैं।

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    अब तक नहीं बना है कोई एसओपी

    झारखंड मंत्रालय में जाने वालों के लिए सुरक्षा संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) क्या है, यह अब तक नहीं बना है। सबकुछ मौखिक चल रहा है। झारखंड मंत्रालय के सुरक्षा प्रभारी ऊपर के आदेश का हवाला तो देते हैं, लेकिन ऊपर के किसका आदेश है, यह वे नहीं बता पाते हैं।

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