यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
किसके हैं 32.20 करोड़? आलमगीर आलम के PS संजीव लाल ने ED के सामने खोल दी पोल
टेंडर कमीशन घोटाले में ईडी की पूछताछ जारी है। इस बीच बरामद कैश को लेकर आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव कुमार लाल ने स्वीकार किया है कि 32.20 करोड़ रुपये ...और पढ़ें

HighLights
- संजीव और जहांगीर से रिमांड पर कल 14 दिनों की पूछताछ होगी पूरी
- बुधवार को ईडी की अदालत में मंत्री आलमगीर आलम की होगी पेशी
राज्य ब्यूरो, रांची। Tender Commission Scam आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव कुमार लाल ने स्वीकार किया है कि उसके ठिकाने से बरामद 32.20 करोड़ रुपये मंत्री के थे। वह ठेकेदारों और अफसरों से टेंडर के कमीशन का पैसा वसूलता था और मंत्री तक पहुंचाता था।
संजीव लाल व उसके नौकर जहांगीर आलम से रिमांड पर ईडी की पूछताछ चल रही है। मंगलवार को दोनों की 14 दिनों की रिमांड अवधि समाप्त होगी। इसके बाद उन्हें ईडी की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।
संजीव और जहांगीर ने ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर कमीशन का पूरा तंत्र ईडी के समक्ष खोला है। वर्क ऑर्डर देने के एवज में डेढ़ प्रतिशत कमीशन लिया जाता था। इससे संबंधित सूची भी ईडी के हाथ लग गई है।
22 मई तक ईडी की रिमांड पर आलमगीर
मंत्री आलमगीर आलम 22 मई तक ईडी की रिमांड पर हैं। पीएमएलएल कोर्ट से छह दिनों तक मंत्री आलमगीर आलम से पूछताछ की अनुमति मिली थी।
ईडी सूत्रों की मानें तो मंत्री आलमगीर आलम से अभी पूछताछ पूरी नहीं हो सकी है। रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए ईडी कोर्ट से आग्रह करेगी। ईडी ने संजीव लाल व जहांगीर आलम के सामने ही मंत्री आलमगीर आलम से भी पूछताछ की है।