'विश्व आदिवासी दिवस' पर नया विवाद, अर्जुन मुंडा ने 9 अगस्त की जगह 15 नवंबर को मनाने की केंद्र से अपील
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने केंद्र सरकार से भगवान बिरसा मुंडा की जयंती (15 नवंबर) को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाने की अपील की है। उनका तर् ...और पढ़ें

पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से की प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण को सम्मान देने की मांग।
HighLights
अर्जुन मुंडा ने 15 नवंबर को विश्व आदिवासी दिवस मनाने की अपील की।
9 अगस्त को नागासाकी बमबारी के कारण बदलाव की मांग।
बिरसा मुंडा की जयंती आदिवासी योगदान को श्रद्धांजलि होगी।
राज्य ब्यूरो, रांची। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अर्जुन मुंडा ने विश्व आदिवासी दिवस पर नया सवाल खड़ा कर दिया है। मुंडा ने केंद्र सरकार से भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को विश्व आदिवासी दिवस मनाने की पहल करने की अपील की है।
इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करते हुए अर्जुन मुंडा ने कहा है कि बिरसा मुंडा को यह सम्मान देना प्रकृति प्रेम, पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के संवर्धन में आदिवासी समाज के योगदान को श्रद्धांजलि देना होगा। पोस्ट में मुंडा ने लिखा है कि 9 अगस्त को संपूर्ण मानवता को शर्मसार करने वाली त्रासदी हुई थी जब अमेरिका ने जापान के नागासाकी पर विनाशकारी परमाणु बम गिराया था।
उसी तिथि को साल 1994 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व आदिवासी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। भारत सरकार को इस वीभत्स और क्रूर घटना से जुड़ी तिथि की जगह भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को विश्व आदिवासी दिवस मनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
मुंडा के बयान पर सोशल मीडिया पर मिलीजुली प्रतिक्रिया है। लोगों का कहना है कि विश्व आदिवासी दिवस केंद्र कैसे तय कर सकता है। एक प्रतिक्रिया है कि भारतीय आदिवासी दिवस बिरसा मुंडा की जयंती पर हो सकती है। विश्व आदिवासी दिवस मनाने का निर्णय तो यूएनओ को लेना होगा।
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बता दें कि हेमंत सरकार की पहल पर 9 अगस्त को झारखंड में विश्व आदिवासी दिवस पर भव्य आयोजन की तैयारी है। पिछले साल यह आयोजन दिशोम गुरु के निधन के कारण नहीं हो सका था।