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    'स्वाभिमान की रक्षा के लिए साहिसक फैसला लें', पूर्व मंत्री भानु प्रताप का राधाकृष्ण किशोर को पत्र

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 04:48 PM (GMT+05:30)

    पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने झारखंड के मंत्री राधाकृष्ण किशोर को खुला पत्र लिखकर राज्य की नौकरशाही के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मंत्र ...और पढ़ें

    पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही और राधाकृष्ण। फाइल फोटो

    पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही और राधाकृष्ण। फाइल फोटो

    HighLights

    1. पूर्व मंत्री शाही ने मंत्री किशोर को लिखा खुला पत्र।

    2. राज्य की नौकरशाही के रवैये पर उठाए गंभीर सवाल।

    3. मंत्री किशोर को स्वाभिमान की रक्षा हेतु निर्णय की सलाह।

    संवाद सूत्र, भवनाथपुर (गढ़वा)। झारखंड में भवनाथपुर के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने झारखंड सरकार के मंत्री राधाकृष्ण किशोर को एक खुला पत्र लिखकर राज्य की नौकरशाही के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

    19 जुलाई 2026 को लिखे गए इस पत्र में उन्होंने कहा है कि एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद यदि अधिकारियों द्वारा उनकी बातों की अनदेखी की जा रही है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के सम्मान के लिए चिंताजनक स्थिति है।

    पत्र में भानु प्रताप शाही ने लिखा है कि समाचारों के माध्यम से उन्हें मंत्री राधाकृष्ण किशोर की पीड़ा का पता चला। उन्होंने कहा कि पलामू की धरती का बेटा होने के नाते वे उनकी यह स्थिति नहीं देख पा रहे हैं।

    सरकार को अनुभवी नेताओं की आवश्यकता नहीं

    उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार को अनुभवी और स्वाभिमानी नेताओं की आवश्यकता नहीं रह गई है, बल्कि केवल आदेशों का पालन करने वालों को महत्व दिया जा रहा है।

    पूर्व मंत्री ने अपने पत्र में राधाकृष्ण किशोर को सलाह देते हुए कहा कि यदि सरकार और नौकरशाही लगातार मंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचा रही है, तो उन्हें अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए साहसिक निर्णय लेना चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की नौकरशाही के सामने पलामू का कोई वरिष्ठ नेता इस तरह बेबस दिखाई दे, यह पूरे क्षेत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। पत्र के अंत में भानु प्रताप शाही ने उम्मीद जताई कि मंत्री राधाकृष्ण किशोर अपने राजनीतिक स्वाभिमान को सर्वोपरि रखते हुए जल्द कोई उचित निर्णय लेंगे। यह पत्र अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

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