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झारखंड में ड्रोन पायलट कोर्स शुरू, DGCA से मान्यता पाने वाला राज्य का पहला संस्थान बना BIT मेसरा

By Kumar GauravEdited By: Krishna Bahadur Singh Parihar
Published: Fri, 21 Aug 2026 10:32 AM (IST)

बीआइटी मेसरा ने डीजीसीए से मान्यता प्राप्त कर यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक मेसरा में झारखंड का एकमात्र ड्रोन पायलट प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर। फोटो जागरण

सांकेतिक तस्वीर। फोटो जागरण

HighLights

  1. बीआइटी मेसरा को डीजीसीए से आरपीटीओ मान्यता मिली।

  2. झारखंड का एकमात्र डीजीसीए-अनुमोदित ड्रोन पायलट कोर्स शुरू।

  3. व्यावहारिक प्रशिक्षण और संबद्ध अल्पकालिक पाठ्यक्रम भी उपलब्ध।

जागरण संवाददाता, रांची। बीआइटी मेसरा ने केंद्र सरकार के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) से रिमोट पायलट ट्रेनिंग आर्गेनाइजेशन (आरपीटीओ) के रूप में संचालन की मंजूरी मिलने के बाद अपने यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक मेसरा में झारखंड का एकमात्र डीजीसीए-अनुमोदित ड्रोन पायलट प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम शुरू किया है।

बीआइटी मेसरा के आरपीटीओ में शिक्षार्थियों को कक्षा में दी जाने वाली सैद्धांतिक शिक्षा से आगे बढ़कर आधुनिक ड्रोन और समर्पित प्रशिक्षण सुविधाओं के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

यह कार्यक्रम डीजीसीए द्वारा अनुमोदित पाठ्यक्रम के अनुरूप है और अनुभवी पेशेवरों के मार्गदर्शन में संचालित होता है, जिससे शिक्षार्थियों को सैद्धांतिक समझ के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करने का अवसर मिलता है।

ये हैं आरपीटीओ की प्रमुख विशेषताएं

आरपीटीओ में डीजीसीए-अनुमोदित प्रशिक्षण, विशेषज्ञ प्रशिक्षक, व्यावहारिक शिक्षण और उद्योग-केंद्रित अनुभव को एक साथ शामिल किया गया है। प्रशिक्षण डीजीसीए के दिशा निर्देशों के अनुरूप है और अनुभवी पेशेवरों के मार्गदर्शन में संचालित होता है। पात्र उम्मीदवार डीजीसीए-मान्यता प्राप्त ड्रोन पायलट प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण ले सकते हैं।

यह कार्यक्रम शिक्षार्थियों को तेजी से विकसित हो रहे ड्रोन क्षेत्र से जुड़े कौशल विकसित करने के लिए एक संरचित प्रशिक्षण वातावरण प्रदान करता है। ड्रोन पायलट प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम के साथ बीआइटी मेसरा ने ड्रोन तकनीक के विभिन्न क्षेत्रों को कवर करने वाले कई अल्पकालिक संबद्ध पाठ्यक्रम भी शुरू किए हैं।

इनमें ड्रोन फारेंसिक्स (4 दिन), ड्रोन प्रोग्रामिंग एंड कोडिंग (10 दिन), ड्रोन जीआइएस एंड डेटा फ्यूजन (7 दिन), ड्रोन रिपेयर एंड मेंटेनेंस (8 दिन), ड्रोन-बेस्ड मैपिंग एंड सर्वेइंग (7 दिन) और ड्रोन बिल्डिंग (7 दिन) शामिल हैं। ये पाठ्यक्रम शिक्षार्थियों को ड्रोन तकनीक के विभिन्न अनुप्रयोगों से परिचित कराते हैं।

इनमें ड्रोन से संबंधित साक्ष्यों की जांच, ड्रोन प्रोग्रामिंग, जीआईएस डेटा के साथ कार्य करना, ड्रोन की मरम्मत और रखरखाव, ड्रोन आधारित मैपिंग एवं सर्वेक्षण गतिविधियां तथा ड्रोन निर्माण की प्रक्रिया को समझना शामिल है।

डीजीसीए-अनुमोदित आरपीटीओ, ड्रोन पायलट प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम और संबद्ध कार्यक्रमों के माध्यम से बीआइटी मेसरा अपने यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक में ड्रोन तकनीक के विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए संरचित प्रशिक्षण और व्यावहारिक शिक्षण को एक साथ ला रहा है। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक बीआइटी मेसरा आरपीटीओ पंजीकरण फार्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

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