यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इन लोकसभा सीटों पर OBC मतदाताओं के बीच BJP बढ़ाएगी पैठ... जीत का फॉर्मूला कर रही तैयार, जानें कैसे बैठाएगी समीकरण
संताल परगना की तीन लोकसभा सीटों में से दो दुमका और राजमहल अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है जबकि गोड्डा की सीट सामान्य है। अभी दुमका और गोड्डा सीट भाज ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, रांची। Jharkhand Politics: संताल परगना की तीन लोकसभा सीटों में से दो दुमका और राजमहल अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। गोड्डा की सीट सामान्य है। अभी दुमका और गोड्डा सीट भाजपा के पास है।
2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने तीनों सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। राज्य की राजनीतिक परिस्थिति में बदलाव के बाद माना जा रहा है कि आदिवासी वोटों पर भाजपा की पकड़ अपेक्षाकृत कमजोर हुई है।
14 सीटों पर भाजपा बिठाएगी ओबीसी समुदाय में पैठ
संताल परगना समेत राज्य की सभी 14 सीटों पर भाजपा ओबीसी समुदाय में पैठ बढ़ाकर जीत का फॉर्मूला तय करने में लगी है। संताल में भी वैश्य, यादव, कुर्मी समेत ओबीसी समुदाय की बड़ी आबादी है।
सवर्ण मतदाता पारंपरिक तौर पर भाजपा को ही वोट करते हैं। ऐसे में ओबीसी वोटों को लुभाने के लिए भाजपा लगातार प्रयास कर रही है। इनके भरोसे ही भाजपा करीब 25 प्रतिशत आदिवासी आबादी वाले क्षेत्र में मुकाबले में उतरेगी।
आजसू से गठबंधन का भी मिलेगा फायदा
गोड्डा लोकसभा सीट पर कुर्मी समाज को वोटर्स की बड़ी संख्या है। आजसू से गठबंधन होने की वजह से इनका वोट भाजपा को मिलने की संभावना है। भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक जेपी पटेल भी इसी समुदाय से हैं। चुनाव में भाजपा उन्हें भी स्टार प्रचारक के तौर पर उतारेगी।
दुमका लोकसभा सीट पर सारठ क्षेत्र में लव-कुश समीकरण पहले भी भाजपा के पक्ष में वोट करता है। आजसू का सहयोग मिलने से यह वोट भाजपा के साथ मजबूती से खड़ा रहने की उम्मीद है। इसके अलावा इस क्षेत्र में वैश्य वोटरों की मजबूत मौजूदगी है जो भाजपा के साथ एकमुश्त रहने की उम्मीद है।
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बिहार की राजनीति का भी होगा असर
संताल परगना में राजमहल और गोड्डा सीट से बिहार की बांका और भागलपुर सीट की भौगोलिक सीमा सटती है। बिहार में भाजपा और जदयू का गठबंधन है। संताल की इन दोनों सीटों पर यादव मतदाता भी 10 प्रतिशत से ज्यादा की संख्या में हैं।
झामुमो-कांग्रेस और राजद का गठबंधन रहने की वजह से यह समुदाय भाजपा को कम मतदान करता है। भाजपा की योजना इस क्षेत्र में अन्नपूर्णा देवी समेत बिहार से नित्यानंद राय व अन्य नेताओं से प्रचार कराने की है। गोड्डा से अगर कांग्रेस प्रदीप यादव को टिकट देती है तो वहां भाजपा को यादवों का वोट मिलने की संभावना कम है।