JPSC में महासंग्राम! सुरक्षा घेरा तोड़ जेपीएससी मुख्यालय पहुंचे सैकड़ों युवा, 30 मिनट के घेराव से थर्राया प्रशासन
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा परिणाम रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग को लेकर रांची में जेपीएससी कार्यालय का घेराव किया। ...और पढ़ें

14वीं जेपीएससी परीक्षा परिणाम रद करने, पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे थे प्रदर्शनकारी।
HighLights
भाजयुमो ने 14वीं जेपीएससी परिणाम रद्द करने की मांग की।
रांची में जेपीएससी कार्यालय का घेराव कर बैरिकेडिंग तोड़ी।
सीबीआई जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
राज्य ब्यूरो, रांची। 14वीं जेपीएससी परीक्षा परिणाम रद करने सहित अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) झारखंड प्रदेश के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने बुधवार को पुरानी जेल चौक के समीप स्थित झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) कार्यालय का घेराव किया।
भारी सुरक्षा, अश्रु गैस दस्ता, वाटर कैनन की तैनाती को चुनौती देते हुए भाजयुमो कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों सुरक्षा बैरियर (बैरिकेडिंग) को तोड़ते हुए जेपीएससी कार्यालय के मुख्य दरवाजे तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सरकार विरोधी नारेबाजी की, जमकर विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर एक बजकर 25 मिनट से लेकर दो बजे तक भाजयुमो ने महज आधे घंटे में ही अपनी ताकत दिखा दी।
प्रदर्शन के बाद सभी वापस लौट गए। प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने जेपीएससी के मुख्य गेट पर लगे आयोग के बोर्ड पर उस बैनर को लगाने का भी प्रयास किया, जिसपर लिखा था कि ''जेपीएससी का रेट क्या है?'
जेपीएससी कार्यालय घेराव के पूर्व भाजयुमो के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं का रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में जुटान हुआ। इसके बाद सभी जेपीएससी कार्यालय पहुंचे थे। वे 14वीं जेपीएससी परीक्षा परिणाम में कथित धांधली, भ्रष्टाचार एवं अनियमितता का विरोध कर रहे थे।
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वे 14वीं जेपीएससी परीक्षा परिणाम रद कर पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने व दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रह थे। भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि जेपीएससी रोजगार नहीं, भ्रष्टाचार की फैक्ट्री बन चुकी है।
युवाओं के भविष्य की लूट को भाजयुमो बर्दाश्त नहीं करेगा। झारखंड की वर्तमान सरकार ने जेपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता को दांव पर लगा दिया है। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के बजाय युवाओं से आवेदन शुल्क वसूलकर उनकी मेहनत की कमाई लूटी जा रही है।
भाजयुमो के मशाल जुलूस और राज्यव्यापी जनाक्रोश के दबाव में ही जेपीएससी चेयरमैन से आनन-फानन में इस्तीफा लिया गया है। यह सदेहास्पद है। उनका आरोप था कि आरटीआइ के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
जेपीएससी वर्षों से नियमित वार्षिक कैलेंडर जारी नहीं कर रहा है, जबकि दूसरी ओर आयु सीमा घटने से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।

युवाओं को न्याय मिलने तक जारी रहेगा भाजयुमो का आंदोलन
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि जब तक 14वीं जेपीएससी परिणाम रद कर निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती व युवाओं को न्याय नहीं मिल जाता है, तब तक भाजयुमो का आंदोलन और भी व्यापक व उग्र रूप में जारी रहेगा।
भाजयुमो के प्रदेश प्रभारी विजय जायसवाल ने राज्य सरकार को युवा विरोधी बताया और कहा कि इस सरकार को झारखंड के मूलवासी युवाओं के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। युवाओं को रोजगार देने के बजाय, उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थी भी पहुंचे थे जेपीएससी कार्यालय
भाजयुमो से पहले अलग-अलग जिलों से भी करीब 50 अभ्यर्थी जेपीएससी कार्यालय पहुंचे थे और 14वीं जेपीएससी परीक्षा परिणाम का विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि सरकार को चाहिए कि परीक्षा परिणाम रद करे और इस मामले की जांच सीबीआइ से कराए।
वे जेपीएससी के विरोध में बैनर भी लाए थे, जिसपर लिखा था जेपीएससी- झोलझाल, पब्लिक सेटिंग कमिशन। अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका आंदोलन अलग है। वे भाजयुमो के साथ नहीं आए हैं।
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