यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Champai Cabinet: तो हो गया फाइनल! कल्पना सोरेन समेत इन्हें कैबिनेट में मिल सकती है जगह, पढ़ें रेस में कौन-कौन?
Champai Cabinet Expansion झारखंड में चंपई कैबिनेट के विस्तार की हलचल तेज है। चंपई कैबिनेट विस्तार का खाका भी लगभग तैयार हो चुका है। इस बार चंपई कैबिन ...और पढ़ें

HighLights
- प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर जेल में हेमंत से मिले
- कांग्रेस कोटे से दीपिका को कैबिनेट में मिल सकती है जगह
- कैबिनेट विस्तार में इरफान, दीपिका व बैद्यनाथ के नाम चर्चा में
राज्य ब्यूरो, रांची। Champai Cabinet Expansion मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के कैबिनेट विस्तार का खाका लगभग तैयार हो गया है। इस बार कुछ नए चेहरों के शामिल किए जाने के साथ ही कांग्रेस कोटे के एक मंत्री को बदले जाने की भी चर्चा है।
वहीं, तेजी से राजनीति में छाप छोड़कर मजबूत नेता के रूप में उभरीं और हाल ही में गांडेय उपचुनाव जीतकर विधायक बनीं कल्पना सोरेन को लेकर भी अटकलें तेज हैं। इस बीच मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलने पहुंचे।
विधायक इरफान अंसारी को बनाया जा सकता है मंत्री
उन्होंने जेल जाकर करीब एक घंटे तक गठबंधन की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। उनके साथ कल्पना सोरेन भी थीं। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव की रणनीति के साथ ही इस दौरान मंत्रिमंडल विस्तार पर भी इन नेताओं में चर्चा हुई।
तैयारियों के अनुसार, कांग्रेस कोटे से रिक्त पद पर जामताड़ा के विधायक इरफान अंसारी को मंत्री बनाया जाना तय माना जा रहा है। यह पद आलमगीर आलम के इस्तीफे से खाली हुआ था। इसलिए अल्पसंख्यक चेहरे के तौर पर इरफान कांग्रेस के लिए मंत्री के तौर पर एक बेहतर विकल्प हैं।
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बादल पत्रलेख की जगह इन्हें मिल सकता है मौका
दूसरी ओर कांग्रेस कोटे से कृषि मंत्री बादल पत्रलेख को बदले जाने की भी चर्चा तेज है। ऐसी स्थिति में उनकी जगह दीपिका पांडे सिंह को भी मंत्री बनाया जा सकता है। कल्पना सोरेन को मंत्री बनाए जाने की चर्चा जरूर है, लेकिन इस मुद्दे पर झामुमो में सभी एकमत नहीं हैं। राज्य में चार महीने बाद विधानसभा चुनाव भी होने हैं।
कल्पना सोरेन के सम्मान और कद के हिसाब से उन्हें भविष्य में मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजक्ट किया जा सकता है। पार्टी के ज्यादातर नेता इसी पक्ष में हैं। ऐसे में उन्हें इस बार के कैबिनेट विस्तार में मंत्री बनाए जाने की संभावना कम दिख रही है। उधर, झामुमो के कई नेता बैद्यनाथ राम को मंत्री बनाए जाने की पैरवी कर रहे हैं।