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    रांची में CISF ने दिखाई दरियादिली, मृत बोलेरो चालक के परिवार को मिली बड़ी मदद

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 12:43 AM (IST)

    सीआईएसएफ एनके एरिया-पिपरवार यूनिट ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए दिवंगत बोलेरो चालक रविंद्र राम के परिवार को ₹1.62 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की। ...और पढ़ें

    मृतक चालक की पत्नी मंजू देवी को सहयोग राशि सौंपते डिप्टी कमांडेंट व उपस्थित अधिकारी-जवान। फोटो जागरण

    मृतक चालक की पत्नी मंजू देवी को सहयोग राशि सौंपते डिप्टी कमांडेंट व उपस्थित अधिकारी-जवान। फोटो जागरण

    HighLights

    1. सीआईएसएफ ने दिवंगत बोलेरो चालक के परिवार को सहायता दी।

    2. ₹1.62 लाख की आर्थिक मदद मृतक की पत्नी को मिली।

    3. यूनिट ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए सहयोग किया।

    संवाद सूत्र , खलारी। मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए सीआईएसएफ एनके एरिया-पिपरवार यूनिट के अधिकारियों और जवानों ने दिवंगत बोलेरो चालक रविंद्र राम के परिवार की आर्थिक सहायता के लिए हाथ बढ़ाया।

    यूनिट के सभी अधिकारियों और जवानों ने स्वेच्छा से सहयोग राशि एकत्र कर मृतक की पत्नी मंजू देवी को 1 लाख 62 हजार 300 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की, जिससे शोकाकुल परिवार को कठिन समय में कुछ राहत मिल सके।

    ज्ञात हो कि सीआईएसएफ एनके-पिपरवार यूनिट में हायर पर चलने वाले बोलेरो वाहन के चालक एवं मानकी कालोनी निवासी रविंद्र राम को 18 जुलाई को अचानक हृदयाघात (हार्ट अटैक) आया था।

    उन्हें इलाज के लिए रांची ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। बुधवार को आयोजित एक भावुक कार्यक्रम में सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट अजय पांडेय ने मृतक की पत्नी मंजू देवी को सहयोग राशि सौंपी।

    इस दौरान उपस्थित अधिकारियों और जवानों ने परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। डिप्टी कमांडेंट अजय पांडेय ने कहा कि यूनिट के सभी अधिकारियों और जवानों ने मानवीय दायित्व का निर्वहन करते हुए स्वेच्छा से इस सहयोग अभियान में भाग लिया है।

    भावुक हुआ परिवार

    उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा सीआईएसएफ परिवार रविंद्र राम के स्वजनों के साथ मजबूती से खड़ा है। सहयोग राशि प्राप्त करते समय मृतक की पत्नी मंजू देवी और अन्य स्वजन भावुक हो उठे।

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    उन्होंने सीआईएसएफ के इस मानवीय सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके कठिन समय में बड़ा सहारा बनेगी। स्वजनों ने मृतक के पुत्र को रोजगार उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया।

    इस पर डिप्टी कमांडेंट ने आश्वासन दिया कि यदि वह वाहन चलाना जानता है तो वाहन मालिक से बातचीत कर उसे उसी कार्य में रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

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