Ranchi Protest: सोनम वांगचुक की अपील पर छात्र नेता देवेंद्र महतो ने पिया पानी, भूख हड़ताल रहेगी जारी
सोनम वांगचुक की अपील पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान पानी पिया, जो झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित ध ...और पढ़ें
HighLights
सोनम वांगचुक की अपील पर देवेंद्र महतो ने पानी पिया।
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ भूख हड़ताल जारी।
मुख्यमंत्री ने छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया।
डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित धांधली के खिलाफ 3 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने बुधवार को पानी पी लिया। उन्होंने यह कदम मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की विशेष अपील के बाद उठाया है।
वीडियो कॉल पर हुई बातचीत
सोनम वांगचुक ने 33 वर्षीय महतो के साथ करीब 10 मिनट तक वीडियो कॉल पर बात की। इस दौरान वांगचुक ने प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई और महतो के बिगड़ते स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने छात्र नेता से आग्रह किया कि वे छात्रों के हक की लड़ाई जारी रखें, लेकिन अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कम से कम पानी जरूर पिएं।
#WATCH | Ranchi, Jharkhand: Activist Sonam Wangchuk interacts with the Student leader Devendra Nath Mahato who is sitting on an indefinite hunger strike at Jaipal Singh Munda Stadium in protest over alleged irregularities in the JPSC, JSSC CGL, and various other competitive exams pic.twitter.com/VL179CYzYi
— ANI (@ANI) August 5, 2026
वांगचुक के इस आग्रह के बाद महतो ने जल ग्रहण किया। उन्होंने बताया, "मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन सोनम वांगचुक जी के अनुरोध पर मैंने पानी पिया है। हमने जंतर-मंतर पर उनका समर्थन किया था और अब हमें यहां भी उनके उसी समर्थन की जरूरत है।"
'मांगें पूरी होने तक अन्न नहीं खाऊंगा'
महतो ने साफ किया कि पानी पीने का मतलब उनके आंदोलन का अंत नहीं है। उन्होंने कहा, "जब तक सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं करती, मैं अन्न ग्रहण नहीं करूंगा। मैंने केवल पानी पिया है।"
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इसके साथ ही छात्र नेता ने वांगचुक से रांची आने की अपील की और कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से उनसे मिलने के बाद ही अपना अनशन पूरी तरह से समाप्त करेंगे।
मानसून सत्र से पहले तेज हुआ आंदोलन
झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार से शुरू हो रहा है और इससे ठीक पहले यह छात्र आंदोलन और उग्र हो गया है। महतो सहित कुल छह प्रदर्शनकारी रांची में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। पिछले 10 दिनों से नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के दो समूह लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगें:
- 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद किया जाए।
- जेपीएससी और जेएसएससी की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं।
- परीक्षा में हुई धांधली की जांच सीबीआई या राज्य के बाहर के रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों की स्वतंत्र समिति से कराई जाए।
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के प्रवक्ता जीवन कुमार ने बताया कि उनकी कोर कमेटी जल्द ही बैठक कर छात्रों के समर्थन में 'तिरंगा मार्च' निकालने का फैसला लेगी।
वहीं, अनशन पर बैठी एक अन्य छात्रा सबिता कुमारी का कहना है कि सरकार की अनदेखी के कारण उन्हें यह सख्त कदम उठाने के लिए "मजबूर" होना पड़ा है।
सरकार का रुख
छात्रों के इस बढ़ते आक्रोश पर प्रतिक्रिया देते हुए, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को कहा कि सरकार नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरी गंभीरता के साथ जांच-पड़ताल की जा रही है और सही समय पर उचित फैसला लिया जाएगा।