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    अवैध खनन पर सख्त रुख, धनबाद डीसी-एएसपी और आयुक्त को होना पड़ा हाजिर; हाई कोर्ट ने मांगे ठोस सुझाव

    Updated: Fri, 03 Apr 2026 07:16 PM (GMT+05:30)

    झारखंड हाई कोर्ट ने धनबाद में अवैध खनन और वायु प्रदूषण पर सुनवाई की। धनबाद डीसी को 22 अप्रैल तक सभी अधिकारियों के सुझावों को शपथपत्र के माध्यम से कोर् ...और पढ़ें

    धनबाद डीसी, एसएसपी, नगर आयुक्त सहित अन्य अधिकारी हुए थे हाजिर।

    धनबाद डीसी, एसएसपी, नगर आयुक्त सहित अन्य अधिकारी हुए थे हाजिर।

    HighLights

    1. अवैध खनन और वायु प्रदूषण पर कोर्ट ने मांगे सुझाव।

    2. धनबाद डीसी 22 अप्रैल तक शपथपत्र दाखिल करेंगे।

    3. अधिकारियों को प्रभावी रोक के लिए कदम उठाने को कहा।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में कोयला नगरी धनबाद में बढ़ते अवैध खनन और वायु प्रदूषण के मुद्दे पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित अधिकारियों को इस समस्या के समाधान के लिए ठोस और प्रभावी सुझाव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

    चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने धनबाद के उपायुक्त (DC) को निर्देश दिया कि सभी विभागों से सुझाव लेकर 22 अप्रैल तक शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट में जमा करें। मामले की अगली सुनवाई 14 मई को निर्धारित की गई है।

    अदालत में मौजूद रहे शीर्ष अधिकारी

    सुनवाई के दौरान धनबाद के उपायुक्त, एसएसपी, नगर आयुक्त और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अदालत ने अधिकारियों से सीधे सवाल किया कि जिले में:

    • अवैध खनन पर प्रभावी रोक कैसे लगाई जाए?
    • वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाएं?

    जनहित याचिका में क्या कहा गया

    यह जनहित याचिका ‘ग्रामीण एकता मंच’ की ओर से दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि धनबाद में प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर तक बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासन और नगर निगम द्वारा इसे नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से अवैध खनन और परिवहन बढ़ता जा रहा है।

    स्थिति क्यों है गंभीर

    धनबाद देश के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्रों में से एक है, जहां:

    • अवैध खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।
    • कोयला परिवहन और धूल के कारण वायु गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है।
    • स्थानीय लोगों में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

    क्या हो सकते हैं संभावित उपाय

    विशेषज्ञों के अनुसार, इन समस्याओं से निपटने के लिए:

    खबरें और भी

    • अवैध खनन क्षेत्रों की सख्त निगरानी और ड्रोन सर्विलांस
    • कोयला परिवहन पर नियंत्रण और ढंके हुए वाहनों का उपयोग
    • नियमित वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग
    • हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) का विकास
    • प्रदूषण फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई

    अब सबकी नजर अगली सुनवाई पर

    अदालत के इस निर्देश के बाद अब प्रशासन की जवाबदेही बढ़ गई है। 22 अप्रैल तक दिए जाने वाले सुझाव और 14 मई की अगली सुनवाई में यह साफ होगा कि धनबाद में अवैध खनन और प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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