रांची में दिव्यांग नाबालिग ने बड़ा तालाब में कूदकर दी जान, 2 दिन पहले की थी गाड़ियों में तोड़फोड़
रांची के हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र में एक दिव्यांग नाबालिग ने बड़ा तालाब में कूदकर आत्महत्या कर ली। वह अपनी शारीरिक स्थिति और नशे की लत से परेशान था, और ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
रांची के बड़ा तालाब में दिव्यांग नाबालिग ने की आत्महत्या।
आत्महत्या से दो दिन पहले गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी।
नाबालिग शारीरिक स्थिति और नशे की लत से था परेशान।
जागरण संवाददाता, रांची। हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र स्थित निजाम नगर में रहने वाले एक दिव्यांग नाबालिग ने बुधवार को बड़ा तालाब में कूदकर जान दे दी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद गोताखोरों ने तालाब से उसका शव बाहर निकाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार नाबालिग दिव्यांग था और नशे की लत से भी जूझ रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह अपनी शारीरिक स्थिति को लेकर लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान रहता था। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस घटना से दो दिन पहले सोमवार देर रात उसी नाबालिग ने मोती मस्जिद रोड और मक्का मस्जिद रोड पर सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी।
उसने हुंडई वरना, टाटा नेक्सन, स्कार्पियो, सूमो समेत आधा दर्जन से अधिक वाहनों के आगे और साइड के शीशे तोड़ दिए थे। इस घटना में वाहन मालिकों को हजारों रुपये का नुकसान हुआ था।
घटना के बाद वह मौके से फरार हो गया था। मंगलवार सुबह जब वाहन मालिक अपनी गाड़ियों के पास पहुंचे तो शीशे टूटे देखकर इलाके में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलने पर हिंदपीढ़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। घटना के बाद मोहल्ले के लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी देखी गई।
लोगों ने रात में पुलिस गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसी दौरान मंगलवार दोपहर स्थानीय लोगों ने एक नाबालिग को पकड़कर उसके हाथ रस्सी से बांध दिए और पुलिस के हवाले कर दिया।
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पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि देर रात घर में प्रवेश नहीं मिलने से वह गुस्से में था और इसी कारण उसने सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया लेकिन बुधवार को उसने अपना जीवन खत्म कर लिया।