रांची HEC की जमीन पर बड़ा एक्शन! अब स्कूल, पेट्रोल पंप और बाजारों की होगी पैमाइश; बढ़ेगा अतिक्रमण हटाने का अभियान
एचईसी ने अपनी अतिक्रमित भूमि वापस लेने का अभियान तेज कर दिया है, जिसके तहत व्यावसायिक और शिक्षण संस्थानों की जमीन की पैमाइश की जा रही है। आवंटन से अधि ...और पढ़ें

एचईसी ने अतिक्रमित भूमि वापस लेने का अभियान तेज किया।
जागरण संवाददाता, रांची। वर्षों से अतिक्रमण की मार झेल रही एचईसी की बहुमूल्य जमीन को वापस लेने की कवायद अब तेज हो गई है। आवासों पर अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू करने के बाद अब एचईसी प्रबंधन ने व्यावसायिक और शिक्षण संस्थानों की जमीन की पैमाइश (मापी प्रक्रिया) का अभियान शुरू कर दिया है।
पहले चरण में नगर प्रशासन विभाग की टीम पेट्रोल पंप, स्कूल, कालेज और अन्य व्यावसायिक संस्थानों की जमीन की मापी कर रही है। जहां भी आवंटित क्षेत्रफल से अधिक जमीन पर कब्जा मिला, वहां अतिरिक्त भूमि का शुल्क वसूला जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रबंधन के अफसरों ने बताया कि एचईसी परिसर में संचालित पांच पेट्रोल पंपों की जमीन की मापी पूरी हो चुकी है। प्रत्येक पेट्रोल पंप को करीब 45-50 डिसमिल जमीन आवंटित की गई थी। अब यह देखा जा रहा है कि कहीं निर्धारित सीमा से बाहर तो निर्माण या व्यावसायिक गतिविधियां नहीं चल रही हैं।
इसी तरह एचईसी की जमीन पर संचालित 12 शिक्षण संस्थानों की भी पैमाइश होगी। इन संस्थानों को एक एकड़ से पांच एकड़ तक जमीन लीज पर दी गई थी। प्रारंभिक जांच में कई संस्थानों द्वारा आवंटित सीमा से अधिक जमीन का उपयोग करने की बात सामने आई है। पूर्व में भी ऐसे कुछ संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
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व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की तैयारी
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि अभियान केवल स्कूलों और पेट्रोल पंपों तक सीमित नहीं रहेगा। सेक्टर-2 मार्केट, पंचमुखी मंदिर के पीछे का बाजार, जेपी मार्केट, शर्मा मार्केट और जगन्नाथपुर क्षेत्र समेत कंपनी की जमीन पर संचालित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी मापी होगी।
जिन दुकानों या प्रतिष्ठानों ने तय सीमा से अधिक जमीन घेर रखी है, उनसे अतिरिक्त राशि वसूली जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिक्रमण हटाया जाएगा।
इससे पहले एचईसी प्रबंधन ने कंपनी के आवासों पर अवैध कब्जा करने वाले 260 लोगों को सात दिन के भीतर मकान खाली करने का नोटिस जारी किया है। इसके बाद अब व्यावसायिक अतिक्रमण पर कार्रवाई शुरू होने से वर्षों से लंबित भूमि प्रबंधन अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है।
858 एकड़ जमीन पर हो चुका है कब्जा
एचईसी के पास करीब 7,200 एकड़ जमीन है। इनमें से लगभग 858 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा होने का आकलन किया गया है। कंपनी की जमीन पर 27 से अधिक बस्तियां, कई बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अन्य निर्माण विकसित हो चुके हैं।
आर्थिक संकट से जूझ रही एचईसी के लिए यह जमीन बड़ी संपत्ति मानी जाती है। ऐसे में प्रबंधन का मानना है कि अतिक्रमण हटाकर और अतिरिक्त भूमि उपयोग का शुल्क वसूलकर कंपनी की आय बढ़ाई जा सकती है।
एचईसी जमीन अभियान एक नजर में
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| एचईसी की कुल जमीन | करीब 7,200 एकड़ |
| अवैध कब्जे में जमीन | करीब 858 एकड़ |
| अवैध कब्जाधारियों को जारी नोटिस | 260 |
| पैमाइश पूरी | 5 पेट्रोल पंप |
| जांच के दायरे में | 12 शिक्षण संस्थान |
| प्रत्येक पेट्रोल पंप को आवंटित जमीन | 50 डिसमिल |
| शिक्षण संस्थानों को आवंटित जमीन | 1 से 5 एकड़ |
अगले चरण में अभियान : सेक्टर-2 मार्केट, जेपी मार्केट, शर्मा मार्केट, पंचमुखी मंदिर के पीछे का बाजार और अन्य व्यावसायिक क्षेत्र