रांची के HEC आवासीय परिसर में जल संकट: अवैध कनेक्शनों के बोझ तले चरमराई पानी की सप्लाई, उपभोक्ता परेशान
एचईसी आवासीय परिसर में अवैध कनेक्शनों के कारण जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे वैध उपभोक्ताओं को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। ...और पढ़ें

एचइसी में अवैध कनेक्शन सेक्टर टू
HighLights
अवैध कनेक्शनों से एचईसी में जलापूर्ति व्यवस्था चरमराई।
वैध उपभोक्ताओं को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा।
पुरानी पाइपलाइनें और अनियोजित विस्तार भी समस्या।
जागरण संवाददाता, रांची। हैवी इंजीनियरिंग कारपोरेशन लिमिटेड (एचईसी) के आवासीय परिसर में जलापूर्ति व्यवस्था अवैध कनेक्शनों के बोझ तले चरमरा गई है। सप्लाई वाटर पाइपलाइन में बड़े पैमाने पर अवैध कनेक्शन लिए जाने के कारण वैध उपभोक्ताओं के घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
खासकर सेक्टर-2, साइड-4, साइड-5, सेक्टर-3 और महावीर मंदिर क्षेत्र में स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई है। यहां कई बहुमंजिली इमारतों की दूसरी मंजिल से ऊपर पानी पहुंचना मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ वर्ष पहले तक एचईसी की पाइपलाइन से बिना किसी अतिरिक्त व्यवस्था के तीन मंजिला भवनों की छत पर रखी पानी की टंकियां आसानी से भर जाती थीं।
कई घरों में सुबह सप्लाई शुरू होने के बाद आधे घंटे के भीतर एक हजार लीटर की टंकी भर जाती थी। लेकिन अब पाइपलाइन से रास्ते में ही बड़ी मात्रा में पानी की खपत हो जाने के कारण घरों तक पानी का दबाव काफी कम हो गया है।
फिलहाल एचईसी आवासीय परिसर में पानी संकट सिर्फ सप्लाई की कमी नहीं, बल्कि अव्यवस्थित विस्तार और अवैध कनेक्शनों से पैदा हुई गंभीर समस्या बन चुका है।

वाटर चार्ज देने के बाद भी नहीं मिल रहा पानी
एचईसी आवासीय परिसर में लगातार बढ़ते अवैध निर्माण और अतिक्रमण जलापूर्ति व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। आवासीय परिसर के आसपास और अंदर 27 से अधिक अवैध बस्तियां विकसित हो चुकी हैं। इन इलाकों में बड़ी संख्या में मकान और दुकानें बन गई हैं। इनमें से कई भवनों में वैध वाटर कनेक्शन नहीं है, लेकिन पाइपलाइन में अवैध तरीके से कनेक्शन जोड़कर पानी लिया जा रहा है।
इसका सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, जो नियमित रूप से वाटर चार्ज जमा कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिल भुगतान के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिलना गंभीर समस्या है। गर्मी के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है, जब पानी की मांग बढ़ जाती है।
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मोटर चलाने पर भी रोक, बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह करीब पांच बजे से साढ़े पांच बजे तक बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है, ताकि लोग मोटर लगाकर पाइपलाइन से अधिक पानी न खींच सकें। लेकिन इससे उन उपभोक्ताओं को भी परेशानी हो रही है, जिनके घरों में सामान्य सप्लाई दबाव नहीं पहुंच रहा है। यदि पाइपलाइन में अवैध कनेक्शन हटाए जाएं और सप्लाई सिस्टम की नियमित जांच हो, तो जलापूर्ति व्यवस्था काफी हद तक सुधर सकती है।
पुरानी पाइपलाइन और बढ़ता दबाव भी वजह
जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े लोगों के अनुसार एचईसी परिसर की कई पाइपलाइन काफी पुरानी हो चुकी हैं। लंबे समय से मरम्मत और रखरखाव की कमी के कारण लीकेज और दबाव की समस्या भी बढ़ी है।
इसके अलावा अनियोजित निर्माण और बढ़ती आबादी ने पुराने जल वितरण नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है। सैकड़ों लोग रोजाना पीने के 20 लीटर वाला पानी का जार खरीद रहे हैं।

प्रबंधन की कार्रवाई पर नजर
स्थानीय लोगों ने एचईसी प्रबंधन से मांग की है कि अवैध वाटर कनेक्शनों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही पाइपलाइन की जांच, लीकेज की मरम्मत और जल वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है, ताकि वैध उपभोक्ताओं को उनका हक का पानी मिल सके।
सेक्टर टू के साइड फाइव क्षेत्र में सैकड़ों आवास ऐसे है, जिनमें सप्लाई वाटर पहुंचता तक नहीं है। रास्ते में ही पानी की चोरी हो जाती है। क्षेत्र में सामुहिक बोरिंग कराकर पानी की समस्या से लोग निजाद पा रहे हैं।
राजेश कुमार, सीडी-509, साइड-फाइव
अवैध कनेक्शन की वजह से आवंटित आवासों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सूचना आयोग के सामने जितने क्वाटर है, उन आवासों में सप्लाई वाटर नहीं पहुंचता है। लोग 20 लीटर वाला पानी का जार खरीदकर काम चला रहे हैं।
गुड्डू कुमार, सेक्टर-दो