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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand Politics : कल हेमंत सोरेन की अग्निपरीक्षा, पास होंगे या फेल? यहां समझिए पूरा गणित

    Updated: Sun, 07 Jul 2024 08:18 PM (GMT+05:30)

    Hemant Soren Floor Test झारखंड में सोमवार का दिन सियासी नजरिये से एक बार फिर महत्वपूर्ण है क्योंकि जेल से बाहर निकलने के बाद हेमंत सोरेन को मुख्यमंत् ...और पढ़ें

    हेमंत सोरेन कल करेंगे बहुमत साबित। फाइल फोटो
    हेमंत सोरेन कल करेंगे बहुमत साबित। फाइल फोटो

    HighLights

    1. 44 विधायकों का हस्ताक्षर युक्त समर्थन राज्यपाल को सौंप चुके हेमंत सोरेन
    2. विधायक दल की बैठक में बनी रणनीति, सत्र के दौरान निशाने पर होगी BJP
    3. 5 महीने पहले ईडी कार्रवाई के बाद हेमंत सोरेन को किया गया था गिरफ्तार

    राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को विधानसभा में बहुमत परीक्षण का सामना करेंगे। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने सत्र आहूत किया है। इस दौरान विश्वास प्रस्ताव पर पक्ष-विपक्ष के बीच चर्चा के बाद मतदान होगा।

    हेमंत सोरेन ने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को 44 विधायकों का हस्ताक्षर युक्त समर्थन पत्र सौंपा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस, राजद, भाकपा माले का उन्हें समर्थन प्राप्त है, जबकि विपक्ष के पास पर्याप्त आंकड़ा नहीं है। ऐसे में बहुमत परीक्षण के दौरान किसी बाधा की उम्मीद है।

    विशेष सत्र के पूर्व रविवार को सत्तापक्ष के विधायकों की बैठक में रणनीति बनी। यह निर्णय किया गया कि एकजुटता दिखाते हुए विपक्ष के आरोपों का प्रतिकार करना है। सत्र के दौरान सत्तापक्ष के निशाने पर भाजपा होगी। इसकी वजह भी है।

    पांच महीना पहले हेमंत सोरेन की हुई थी गिरफ्तारी 

    पांच माह पूर्व ईडी की कार्रवाई के बाद हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया गया था। विपरीत परिस्थितियों में उन्हें पद छोड़ना पड़ा था। इस दौरान 28 जून को उच्च न्यायालय से उनकी जमानत याचिका स्वीकृत हुई। जस्टिस आर मुखोपाध्याय की एकल खंडपीठ ने जमानत याचिका मंजूर करते हुए ईडी की कार्रवाई को कटघरे में खड़ा किया। आदेश में उल्लेख है कि ईडी के पास हेमंत सोरेन के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।

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    हेमंत सोरेन उसी दिन जेल से बाहर आए। उन्होंने अपने ऊपर हुई कार्रवाई को राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा बताया। ऐसे में विधानसभा में अपने उदबोधन में वे भाजपा के खिलाफ मोर्चाबंदी करेंगे। वे लगातार आक्रामक रवैया अख्तियार किए हुए हैं।

    ऐसे बदला घटनाक्रम

    • 28 जून - हेमंत सोरेन की जमानत याचिका स्वीकृत, जेल से हुए रिहा।
    • एक जुलाई - सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की संयुक्त बैठक की तिथि तय।
    • तीन जुलाई - सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की बैठक में हेमंत चुने गए नेता, चंपई सोरेन ने इस्तीफा दिया, सरकार बनाने का दावा पेश किया हेमतं सोरेन ने।
    • चार जुलाई - हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

    सोमवार को ही कैबिनेट का विस्तार

    सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। इसमें ज्यादा फेरबदल की संभावना नहीं है। झामुमो कोटे से बैद्यनाथ राम को शामिल किए जाने की चर्चा है, जबकि कांग्रेस के  इरफान अंसारी का मंत्री बनना तय है। आलमगीर आलम के इस्तीफे से रिक्त हुई सीट पर उन्हें समायोजित किया जाएगा। कांग्रेस कोटे के अन्य मंत्री फिर से जगह पा सकते हैं।

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