यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Politics: 'मुझे मलाल है कि...', सीएम पद से हटने के बाद चंपई सोरेन ने अपने विधानसभा क्षेत्र में दिखाया दम
Champai Soren In Raj Nagar पांच महीने के लिए झारखंड के सीएम रहे चंपई सोरेन अपने विधासभाक्षेत्र राजनगर पहुंचे। यहां उनके समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई औ ...और पढ़ें

HighLights
- झारखंड आंदोलन के समय जो सोचा था, कम समय में जितना हो सका गरीबों के लिए काम किया: चंपई
- पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन बोले- ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 200 यूनिट फ्री बिजली शुरू की
- अपने विधानसभा क्षेत्र राजनगर पहुंचने पर चंपई सोरेन के स्वागत में उमड़ी समर्थकों की भीड़
संवाद सूत्र, राजनगर। सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन शनिवार को पहली बार अपने विधानसभा क्षेत्र के राजनगर प्रखंड पहुंचे। राजनगर पहुंचने पर उनके स्वागत में समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी।
सिदो कान्हू चौक पर उनके इन्तजार में सैकड़ों महिला पुरुष जुटे। इस दौरान पूर्व सीएम चंपई सोरेन ने सबका अभिवादन किया। कार्यकर्ताओं से सहजता से मिले। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पांच माह के अल्प कार्यकाल में झारखंड आंदोलन के समय जो सपना देखा था। उसी अनुरूप योजनाएं बनाकर धरातल पर उतारने का काम किया।
स्थानीय भाषा में पढ़ाई के लिए की पहल
झारखंड में जनजातीय संथाल, हो, मुंडारी, भूमिज, खड़िया, कुड़ख एवं क्षेत्रीय भाषा, उड़िया, बंगला, खोरठा, नागपुरी, पंचपारगनिया आदि भाषा से प्राइमरी से पढ़ाई के लिए शिक्षकों की बहाली का रास्ता साफ किया।
मुझे मलाल है कि जनजाति एवं क्षेत्रीय भाषा के शिक्षकों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र नहीं बांट पाया। झारखंड खनिज सम्पदा से धनी प्रदेश है।
हमारा सोचना था कि कैसे यहां के आदिवासी मूलवासी, दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक को खनिज सम्पदा का लाभ मिले। इसके लिए 21 से 50 साल की महिलाओं को माई कुई (बहन बेटी स्वावलंबन) योजना लाने का काम किया। जिसके तहत पेंशन के तौर पर हर माह एक हजार रुपये आर्थिक सहायता मिलेगा।
मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य योजना का किया जिक्र
आयुष्मान कार्ड से वंचित 33 लाख परिवारों को 15 लाख तक गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज के लिए मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य योजना लाने का काम किया। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 200 यूनिट फ्री बिजली शुरू की।
खबरें और भी
झारखंड के युवाओं के लिए 26 हजार शिक्षक बहाली की प्रक्रिया शुरू की। जो 12 जून से चल रही है। बैटरी एवं जनजातीय भाषा के शिक्षकों की बहाली, पुलिस भर्ती, उत्पाद सिपाही भर्ती का मार्ग प्रशस्त किया। राजनगर एवं गम्हरिया प्रखंड में डिग्री कालेज निर्माण जल्द शुरू होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क चकाचक करने को 15000 किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रदान की। यूं कहे तो दो महीने ही काम हुआ। तीन महीना तो लोकसभा चुनाव में गया। अन्यथा और कई योजनाएं धरातल पर दिखती।
मैं मानता हूं कि मुख्यमंत्री के तौर पर जो भी मेरा अल्प कार्यकाल रहा सही काम किया। अब जनता हमारी कामों को कैसे देखती ही है यह उनपर छोड़ देते हैं। इस दौरान उन्होंने समस्त झारखंड वासियों को रथ पर्व की शुभकामनायें दी।
'चुनाव के लिए तैयार हैं हम'
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए हम लोग पूरी तरह तैयार हैं। चुनाव कभी भी करा लें। आईएनडीआईए गठबंधन ने अपने कार्यकाल में सबसे बेहतरीन काम किया है। हम लोगों ने जन-जन तक योजनाएं पहुंचाने का काम किया।
राजनगर पहुंचने पर पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को मनरेगा कर्मियों ने मांग पत्र सौंप कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। चंपई ने मनरेगा कर्मियों को अश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कहेंगे।
इस दौरान मनरेगा बीपीओ मनोज तियु, नरेश प्रामाणिक, जेई गुप्ता जी, रोजगार सेवक अनिल मुर्मू, सागर हांसदा सहित अन्य मनरेगा कर्मी उपस्थित थे।
यह भी पढ़ें -