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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Hemant Soren: 'मुझे गलत आरोपों में जेल की सलाखों के पीछे डाला', जमीन घोटले में हुई गिरफ्तारी पर भावुक हुए हेमंत सोरेन

    Updated: Tue, 30 Jul 2024 02:04 PM (IST)

    ईडी ने हेमंत सोरेन को जमीन घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था। अदालत से बेल मिलने के बाद हेमंत सोरेन एक बार फिर झारखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके ...और पढ़ें

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर दी प्रतिक्रिया।
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर दी प्रतिक्रिया।

    HighLights

    1. मुझे गलत आरोपों में जेल की सलाखों के पीछे डाला गया: हेमंत
    2. कहा- न्यायपालिका वह स्तंभ जहां नहीं है अंधकार
    3. बोले- हमारे परिवार के उपर झूठे लांछन लगाए गए

    राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुझे गलत आरोपों में जेल की सलाखों के पीछे डाला गया। बहुत तरीके से सोरेन परिवार के उपर लांछन लगाए गए।

    हेमंत सोरेन ने आगे कहा कि मेरे कीमती वक्त को भी इन लोगों ने बर्बाद किया। आज कितने लोग मुलाकात के लिए आ रहे हैं। लोग आवश्यकताओं और समस्याओं को लेकर मुझसे मिले। ये हमारा कीमती वक्त बर्बाद नहीं करते, तो मैं अनगिनत समस्याओं का समाधान कर चुका होता।

    न्यायलय सर्वोपरि, वहां अंधकार नहीं होता

    हेमंत सोरेन ने कहा कि न्यायालय सर्वोपरि है। यह वो स्तंभ है, जहां अंधकार नहीं होता। कुछ समूह ऐसे भी हैं, जो न्यायालय के समय को बर्बाद करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग बेवजह उन लोगों को फंसाते हैं, जो समाज में दलित, आदिवासी, पिछड़ों के हित में काम करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों की आवाज को बंद करने के लिए ये अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से यह बातें साबित होती है।

    उन पांच महीनों का क्या होगा : कल्पना

    मानसून सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ उनकी पत्नी विधायक कल्पना सोरेन ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और पूछा कि पांच महीने जो जेल में बीते हैं उसका हिसाब कौन देगा।

    खबरें और भी

    सोमवार को विधानसभा में मीडियाकर्मियों के द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए विधायक कल्पना सोरेन ने कहा कि सत्य की जीत हुई है मगर बड़ा सवाल यह है कि हेमंत सोरेन के पांच महीनों का क्या होगा?

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