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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'विशेष पैकेज आप अपने बैसाखियों को दीजिये', Union Budget पर JMM का तंज, कहा- क्या इसके लिए भी Hemant Soren दोषी

    Updated: Wed, 24 Jul 2024 02:38 PM (GMT+05:30)

    Hemat Soren झामुमो ने आम बजट (Union Budget 2024) में झारखंड के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। झामुमो ने कहा कि झारखंड के साथ हुए इस भेदभाव के लिए भ ...और पढ़ें

    क्या इस भेदभाव के लिए हेमत सोरेन दोषी हैं? Union Budget पर JMM ने कसा तंज। (फाइल फोटो)
    क्या इस भेदभाव के लिए हेमत सोरेन दोषी हैं? Union Budget पर JMM ने कसा तंज। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. झारखंड के साथ हुए भेदभाव के लिए भी क्या हेमंत सोरेन दोषी हैं: झामुमो
    2. कहा- आप विशेष पैकेज बैसाखियों को दीजिये, हमें हमारा बकाया चुका दीजिए
    3. शिक्षा के बजट और मेक इन इंडिया को लेकर भी उठाया सवाल

    डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भाजपा पर आम बजट 2024 में झारखंड की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। झामुमो ने बजट में बिहार और आंध्रप्रदेश को तरजीह देने पर भी सवाल उठाया है।

    सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर किए पोस्ट में झामुमो ने बाबूलाल मरांडी से सवाल किया कि झारखंड के साथ हुए इस भेदभाव के लिए भी क्या हेमंत सोरेन दोषी हैं?

    झामुमो ने कहा कि झारखंड ने 2014, 2019 में एनडीए को 14 में से 12 सांसद दिए, 2024 में भी 9 सांसदों दिए। इसके बावजूद झारखंड को उपेक्षा का शिकार बनाया जा रहा है।

    झामुमो ने कहा कि केंद्र सरकार के पास झारखंड का एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये बकाया है, लेकिन बाबूलाल समेत भाजपा के तमाम नेता इस मु्द्दे पर खामोश हैं। झामुमो ने तंज भरे लहजे में कहा कि आप विशेष पैकेज अपने बैसाखियों को दीजिये, लेकिन हमें हमारा बकाया चुका दीजिए।

    झामुमो ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुबर दास DVC का 5000 करोड़ बकाया लगा करके चले गए थे, जिसे केन्द्र ने बिना बताये हमारे खाते से काट लिया था और भाजपा के नेता ताली बजाते रहे।

    मेक इन इंडिया और शिक्षा के बजट पर उठाया सवाल 

    एक अन्य पोस्ट में झामुमो ने शिक्षा को लेकर बजट और मेक इन इंडिया को लेकर भी सवाल उठाया है। झामुमो ने कहा कि मेक इन इंडिया को जुमले से हकीकत में बनाने के लिए सबसे ज्यादा शिक्षा पर जोर देने की जरूरत थी। हालांकि, पिछले 10 सालों में इसके ठीक उलट हुआ है। शिक्षा बजट को आधा कर दिया गया है।

    झामुमो ने कहा कि चीन और भारत की जन-संख्या लगभग बराबर है, लेकिन चीन हर साल अपने शिक्षा बजट को बढ़ाता जा रहा है और हमारे कुल बजट से ज्यादा वह सिर्फ शिक्षा पर खर्च करता है।

    झामुमो ने कहा कि हम रिसर्च पर अपने बजट का मात्र 0.1% खर्च करते है। यह सिर्फ और सिर्फ नाम मात्र का है। इसीलिए आज हमारे देश में ब्रेन ड्रेन (प्रतिभा पलायन) सबसे ज्यादा है।

    झामुमो ने कहा कि राजनीति से परे हमारे देश के हुक्मरानों को इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, ताकि 2047 के विकसित भारत का सपना हक़ीक़त में तब्दील हो सके।

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