दिल्ली के बाद अब झारखंड में 'शीशमहल' पर संग्राम! जयराम बोले- जनता भूखी और सीएम को चाहिए करोड़ों का बंगला
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रमुख जयराम महतो ने नए मुख्यमंत्री आवास के निर्माण को जन-धन की बर्बादी बताया है। उन्होंने 67 करोड़ रुपये की ...और पढ़ें

जेकेएलएम प्रमुम ने 67 करोड़ की लागत को बताया जन-धन की बर्बादी। (फोटो: फाइल)
HighLights
नए मुख्यमंत्री आवास निर्माण पर जयराम का करारा प्रहार।
झारखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च करने की मांग की।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) प्रमुख और डुमरी विधायक जयराम महतो ने नए मुख्यमंत्री आवास के निर्माण की प्रक्रिया पर करारा प्रहार किया है।
उन्होंने इसे जन-धन की बर्बादी बताते हुए खहा कि जब पहले से ही मुख्यमंत्री आवास बना हुआ है तो फिर 67 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि से नए महल की जरूरत क्यों आ पड़ी।
100 करोड़ के पार पहुंच जाएगी लागत
जयराम ने अंदेशा जताया कि भवन पूर्ण होने तक यह लागत आसानी से 100 करोड़ के पार पहुंच जाएगी। पिछले 25 वर्षों में वर्तमान मुख्यमंत्री आवास के रखरखाव और मरम्मत के नाम पर ही लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
हर साल दो से चार करोड़ रुपये की ऐसी कौन सी मरम्मत होती है, जिसके बाद भी नए आवास की आवश्यकता पड़ गई। विधायक ने सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दावा किया कि आवास की मरम्मत के नाम पर अभियंता 40 से 50 प्रतिशत तक कमीशन की वसूली करते हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च हो यह धन
सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच करवा कर देख ले। एक तरफ झारखंड की ग्रामीण आबादी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रही है और छात्रवृत्ति न मिलने के कारण गरीब छात्र जमीन और गहने गिरवी रखकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
वहीं दूसरी ओर सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों को करोड़ों का बंगला चाहिए। जयराम ने कहा- इस फिजूलखर्ची को रोककर शिक्षा या स्वास्थ्य सेवा में खर्च किया जाए।
सीएम बरहेट में नेतरहाट के तर्ज पर एक विद्यालय बनाएं, जिसमें केवल संथाल परगना के बच्चों का नामांकन हो। रांची में रिम्स-दो का निर्माण हो। स्वास्थ्य मंत्री भी हमेशा माडल अस्पताल की बातें करते हैं। उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि अस्पताल कब बनेगा।